संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष में पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार को मेरठ के महानगर पूर्व व महानगर पश्चिम में 40 स्थानों पर विजयदशमी कार्यक्रम में पथ संचलन हुआ। दोनों महानगरों में 4200 स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया।
बढ़ते कामकाज को देखते हुए आरएसएस ने मेरठ शहर को पूर्व व पश्चिम दो महानगरों में विभाजित किया है। स्थापना के शताब्दी वर्ष में दोनों महानगरों में 40 स्थानों पर विजयदशमी कार्यक्रम आयोजित किए गए। एसडी इंटर कॉलेज सदर, ऋषभ एकेडमी, बालेराम बृजभूषण सरस्वती विद्या मंदिर शास्त्रीनगर आदि स्थानों पर पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। सभी कार्यक्रमों में एकल गीत, गण गीत के पश्चात शस्त्र पूजन हुआ।
वक्ताओं ने संघ के विचार के बारे में बताया। पूर्ण गणवेश में क्षेत्र में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। महानगर पूर्व के प्रचार प्रमुख संजीव गर्ग व महानगर पश्चिम के प्रचार प्रमुख सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 4200 स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। पथ संचलन में छोटे बच्चे, तरुण स्वयंसेवक और वृद्ध कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे।
शास्त्रीनगर में हुए कार्यक्रम में सह क्षेत्र संघचालक प्राे. नरेंद्र तनेजा ने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के मन में यह पीड़ा थी कि विश्व गुरु भारत गुलाम क्यों हुआ? पहले मुगलों का उसके पश्चात अंग्रेजों का, तब उनके मन में यह विचार आया कि भारत में रहने वाला इतना विशाल हिंदू समाज अपनी राष्ट्रीयता को भूल गया है। 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन अपने 17 साथियों क़े साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। इन कार्यक्रमों में मेरठ प्रांत प्रचार प्रमुख सुरेंद्र कुमार, प्रांत सेवा प्रमुख अशोक कुमार, विभाग संघचालक जतन स्वरुप, विभाग कार्यवाह अवनीश कुमार आदि मौजूद रहे।