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पानी से बीमारियों का खतरा, लगाए जाएंगे शिविर

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पानी से बीमारियों का खतरा, लगाए जाएंगे शिविर
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- हिंडन और काली नदी के आसपास के हैं यह गांव
- स्वास्थ्य विभाग लगवाएगा चिकित्सा शिविर
- फैक्ट्रियों से निकलने वाला पानी भी है जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग हिंडन नदी और काली नदी के आसपास के 27 गांवों में चिकित्सा शिविर लगवाएगा। यह शिविर 25 से 30 मई तक लगाए जाएंगे। इन गांवों में प्रदूषित पानी से बीमारियों का खतरा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पहले सर्वे भी कर चुकी है, इसमें काफी संख्या में मरीज मिले थे।
लोहियानगर, काजीपुर, घोसीपुर, नरहाड़ा, हाजीपुर, अल्लीपुर, चिंदौड़ी, फफूंडा, बिजौली, खरखौदा, छतरी, खड़खड़ी, कौल, बवनपुरा, अतराड़ा, पांची, बहरानपुर, सेतकुआं, कैली व धीरखेड़ा आदि गांव हैं, जिनमें हैंडपंपों का पानी खराब हो चुुका है। कई गांवों में पानी के लिए टंकी लगी हैं, लेकिन कई गांवों के लोग हैंडपंपों का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। पिछले दिनों काली नदी के आसपास के गांवों का सर्वे कराया गया गया था। मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर गांव-गांव जाकर सर्वे किया गया। खास तौर से ऐसे गांव जहां कैंसर से मौत हुई हैं ऐसे सभी गांवों की रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेजी गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग ने कराया था थ्री लेयर सर्वे
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में पाया गया था कि पांच साल में तीन गांवों में कैंसर से 28 की मौत हुई है। इन गांवों में बीमारियां फैल रही हैं। पिछले 10 साल में तो स्थिति बदतर हो गई है। कैंसर, पीलिया, हेपेटाइटिस बी और किडनी संबंधी बीमारियों ने लोगों को गिरफ्त में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव बिजौली, बहरानपुर, सेतकुआं और धनौटा में थ्री लेयर सर्वे कराया था। पहला आशा कार्यकर्ताओं से, दूसरा एएनएम से और तीसरा स्वास्थ्य विभाग की टीम से। जांच में पाया गया था कि बिजौली, बहरानपुर, सेतकुआं गांव में पिछले पांच साल में कैंसर में 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 12 लोग ऐसे मिले, जो वर्तमान में कैंसर से पीड़ित हैं और उपचार करा रहे हैं। पीलिया के चार मरीज मिले थे।
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एनजीटी की बैठक में हुआ निर्णय
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस संबंध में गाजियाबाद में एनजीटी की मीटिंग हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया है। मेरठ से वे बैठक में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि यहां फैक्ट्रियों से भी प्रदूषित पानी निकल रहा है, जिस कारण बीमारियों का खतरा है।
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