मवाना जोन में 10 मई से गन्ना सर्वे
मवाना। माफिया पर नकेल कसने के लिए गन्ना विभाग इस बार कई नए प्रयोग करने जा रहा है। ऑनलाइन सर्वे के साथ इस बार गन्ना विभाग राजस्व अभिलेखों से भी किसानों की भूमि का मिलान करेगा। मवाना जोन में 10 मई से सर्वेक्षण शुरू कर दिया जाएगा। इसे 30 जून तक पूर्ण करना है।
जीपीएस से होगा सर्वे
पूर्व में गन्ना विभाग कुछ स्थानों पर जीपीएस के माध्यम से गन्ना उत्पादन का सर्वे करता था। इस बार गन्ना विभाग पूर्ण रूप से जीपीएस के माध्यम से सर्वे कराएगा। मवाना जोन के 202 गांव में इस सर्वे के लिए 56 टीमों को लगाया है। जिनमें 46 टीम मवाना, 6 टिकौला तथा नंगलामल, दौराला, खतौली व सिंभावली चीनी मिल की एक टीम है। 10 जून से टीम संयुक्त रूप से सर्वे शुरू कर देगी।
रजिस्टर में एंट्री करने की नहीं जरूरत
पेराई सत्र से पहले विभाग गन्ना उत्पादन की बाबत प्रतिवर्ष सर्वे करता है। इसे समिति एवं चीनी मिल के कर्मचारी अंजाम देते हैं। जीपीएस के माध्यम एवं फीता डालकर गन्ना उत्पादन के लिए क्षेत्रफल की नपाई होती थी। रजिस्टर में एंट्री कर बाद में डाटा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराया जाता है। सर्वे के मुताबिक ही सट्टा प्रदर्शन एवं पर्चियां किसानों को उपलब्ध कराई जाती थीं। इस बार विभाग को रजिस्टर में एंट्री करने की जरूरत नहीं है। दरअसल पूरी तरह सर्वे ऑनलाइन होगा। जीपीएस के माध्यम से गन्ना उत्पादन की जानकारी मिलेगी और सुपरवाइजर इसे मौके पर ही फीड कर देगा। यह जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। साथ ही गन्ना माफिया पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने इस बार सर्वे के बाद सारा रिकार्ड राजस्व अभिलेखों से मिलाने का निर्णय किया है। जिससे यदि कोई किसान गलत जानकारी देता है तो वह राजस्व अभिलेखों में दर्ज रिकार्ड के माध्यम से पकड़ी जाएगी।
नहीं कर सकेंगे लापरवाही
इस बार चीनी मिल व समिति के कर्मचारी संयुक्त रूप से गन्ना उत्पादन का सर्वे करेंगे। इस दौरान कोई कर्मचारी लापरवाही नहीं बरत सकेगा। दरअसल इस बार विभाग उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय पर कंट्रोल रूम बना रहा है। इसकेमाध्यम से सभी कर्मचारियों के मोबाइल की लोकेशन विभाग के अधिकारियों को मिलती रहेगी। यदि कोई कर्मचारी लापरवाही बरतता है या झूठ बोलता है तो वह कंट्रोल रूम के जरिए पकड़ा जाएगा। सभी कर्मचारियों को सोशल मीडिया से जुड़ने के लिए निर्देशित किया है। जिससे कर्मचारी किसानों से जुड़ें और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराएं।
गन्ना विभाग ने इस बार काफी फेरबदल किया है। माफिया पर लगाम लगाने के साथ-साथ काम समय पर निपट सके। इसके लिए सर्वे ऑनलाइन कर दिया है। राजस्व अभिलेखों से मिलान करने से कोई किसान झूठी जानकारी नहीं दे सकेगा।-बीबी सिंह, संयुक्त गन्ना आयुक्त
आनलाइन सर्वे होने के कारण कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी कर्मचारियों को मशीन चलाने की जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें समय से काम निपटाने के लिए भी निर्देशित किया जा रहा है। -शौबीर सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मवाना