शराब ठेके के विवाद में युवक पर गोली बरसाकर हत्या
मोदीनगर। कोतवाली क्षेत्र में तिबड़ा रोड स्थित कृणा कुंज कॉलोनी में शराब के ठेके के विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक के दोस्त को भी पैर में गोली लगी है। परिजनों ने अज्ञात में तहरीर दी है। परिजनों ने पुलिस पर सवाल खड़ा किया है कि विवाद पर कार्रवाई नहीं हुई इसलिए हत्या हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के तिबड़ा गांव निवासी दीपेंद्र उर्फ दिप्पन 24 पुत्र स्वर्गीय सतेंद्र अपने परिवार के साथ रहता है। हाल में तिबड़ा रोड पर एक ठेका खुला है, जिसको हटाने के लिए कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। दीपेंद्र नए ठेके का यथास्थान पर रखने वालों के पक्ष में था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बाद टकराव हो चुका था। बुधवार शाम को दीपेंद्र अपने दोस्त विक्की त्यागी के घर पर बैठा था। उसके साथ अन्य दोस्त भी मौके पर मौजूद थे। तभी वहां कुछ अज्ञात युवक आए और उनसे किसी का पता पूछने लगे। दीपेंद्र पता बताने के लिए बाहर निकला तो एक युवक ने पिस्टल निकालकर दीपेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। दीपेंद्र को छह गोलियां लगीं। दीपेंद्र के दोस्त प्रथम के पैर में गोली लगी। आरोपी पिस्टल लहराते फरार हो गए। दीपेंद्र के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद अस्पताल में दीपेंद्र के परिजनों ने हंगामा किया। कोतवाली पुलिस अस्पताल में पहुंची और मृतक के परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए। मृतक के जीजा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। थाना प्रभारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों ने तहरीर दी है। जांच की जा रही है।
शराब के ठेके के विवाद में हुई हत्या
तिबड़ा रोड पर हाल ही में एक नया ठेका खुला है। उक्त स्थान से कुछ दूरी पर एक पुराना ठेका भी है। जिसके चलते पुराने ठेका संचालक व स्थानीय लोग उक्त ठेके को हटाने की मांग कर रहे थे। दीपेंद्र और उसके साथी ठेके को हटाने के पक्ष में नहीं थे। जिसको लेकर दोनों पक्ष के लोगों में कई बार टकराव हो चुका है। उक्त ठेके को खोले जाने के दिन भी स्थानीय महिलाओं ने विरोध किया था। मगर दीपेंद्र पक्ष के लोग विरोध के पीछे दूसरे पक्ष के लोगों को हाथ होना बता रहे थे। पूर्व में दोनों पक्ष के लोग पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। दीपेंद्र के परिजनों व अन्य लोगों का कहना है कि यदि पुलिस विवाद को गंभीरता से लेते हुए पूर्व में कड़ी कार्रवाई करती तो वारदात नहीं होती।