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मच्छरों का शुरू हुआ वार, निपटने को निगम नहीं है तैयार

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मच्छरों का शुरू हुआ वार, निपटने को निगम नहीं है तैयार
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निगम ने न तो दवा खरीदी और न ही फॉगिंग की कार्ययोजना बनाई
- अधिकारियों को नहीं पता उनके पास कितनी है फॉगिंग मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। महानगर में मच्छरों के वार से पिछले साल बीमार हुई जनता अभी दर्द से उबर भी नहीं पायी है कि फिर से मच्छरों ने जनता पर वार करना शुरू कर दिया है। मच्छरों के प्रकोप से जनता बेहाल है, लेकिन नगर निगम मच्छरों से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं कर रहा। निगम अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि पिछले साल मलेरिया और चिकनगुनिया के प्रकोप को देखने के बाद भी इस साल अभी तक न तो मच्छर मारने की दवा खरीदने की कोई तैयारी की है और न ही फॉगिंग की कार्ययोजना बनाई है। ऐसे में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
2017 में खरीदी गयी 60 छोटी मशीनें
- 2017 में मच्छरों के प्रकोप से शहर में चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया फैला था। हालात यह हो गए थे कि अस्पतालों मे बेड फुल हो गए थे। हालात देखते हुए पूर्व महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने शहर के प्रत्येक वार्ड में एक एक फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने के लिए 60 मशीनों की खरीदारी की थी। निगम की पास पुरानी मशीनें भी थीं। सभी मशीनें को शहर में उतारा गया था। इतना ही नहीं किठौर शाहजहांपुर से बागों में दवा के स्प्रे के लिए टैंकर भी मंगवाए गए थे। जिसके बाद जनता को मच्छरों से कुछ राहत मिली थी।
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पिछले साल की दो ड्रम मैलाथियान है निगम के पास
- नगर निगम प्रशासन ने इस साल मच्छर मारने के लिए मैलाथियान की खरीद कराना तो दूर प्रपोजल भी तैयार नहीं किया है। पिछले साल की दो ड्रम मैलाथियान निगम के पास है जो सूरजकुंड और कंकरखेड़ा वाहन डिपो को दी गयी है, लेकिन अभी तक इसका छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। इसके अलावा नगर निगम ने शहर में फॉगिंग की भी कोई कार्य योजना भी तैयार नहीं की है। अगर कहीं फॉगिंग हो भी रही है तो केवल वीआईपी इलाकों में।
सड़क पर नहीं उतरीं फॉगिंग मशीनें
- नगर निगम प्रशासन का दावा है कि फॉगिंग की जिम्मेदारी वार्ड सुपरवाइजरों की है, इसके लिए उन्हें मशीनें भी उपलब्ध करा दी गई हैं। लेकिन हकीकत यह है कि अभी तक यें मशीनें सड़क पर नहीं उतरी हैं। निगम के पास फॉगिंग मशीनों का रिकॉर्ड भी अधूरा है। मशीनें खराब हैं या सही। इसकी रिपोर्ट भी नगर स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
नालों और सड़कों पर गंदगी के ढेर
शहर के नालों की सफाई नहीं होने से यह नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। इसके अलावा सड़कों पर भी जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। जिसके कारण मच्छर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय रहते मच्छरों को मारने के लिए मैलाथियान और एनटीलार्वा का छिड़काव शुरू नहीं किया गया तो शहर की जनता बीमारी की चपेट में आ जाएगी।
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- हम स्टोर इंचार्ज और सभी सुवरवाइजरों से मशीनों की स्थिति की जानकारी लेंगे। साथ ही फॉगिंग की कार्य योजना तैयार की जा रही है। कुछ जगहों पर फॉगिंग की जा रही है। सूरजकुंड और कंकरखेड़ा वाहन डिपो को एक-एक ड्रम मैलाथियान दे दिया गया है। दिल्ली रोड वाहन डिपो पर शीघ्र ही दवा भेजी जाएगी। सभी मशीनों को अपडेट किया जाएगा। - डा. गजेन्द्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।

ये हैं निगम के रिकॉर्ड में फॉगिंग मशीन
- छोटी फॉगिंग मशीन - 80
- एंटीलार्वा दवा छिड़काव के लिए स्प्रे मशीन- 80
- एंटीलार्वा दवा छिड़काव की बड़ी मशीन - 3
- एंटीलार्वा दवा छिड़काव के लिए टैंकर - 3
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