- गांव बसा टीकरी में सुबह से शाम तक लगा रहा लोगों का जमावड़ा
- शहीद अजय की पत्नी प्रियंका बेसुध, गमगीन हैं परिवार की महिलाएं
जानीखुर्द।
शहीद अजय कुमार के घर बुधवार को भी मातम पसरा रहा। महिलाएं मिलने आतीं तो घर में चीख-पुकार मच जाती। अजय की पत्नी प्रियंका बेसुध हो जाती। सुबह से शाम तक जनप्रतिनिधियों और मिलने वालों का तांता लगा रहा। हालांकि प्रशासनिक अफसरों में कोई भी गांव नहीं पहुंचा।
रविवार रात को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए अजय कुमार के घर बुधवार को भी लोगों को तांता लगा रहा। पत्नी प्रियंका, बहन अर्चना और मां कमलेश का बुरा हाल है। सास कमलेश भी एकटक पोते को देखकर सोचती रहती हैं। ढाई साल का आरव भी लोगों की भीड़ देखकर रोता रहा। महिलाओं की ऐसी हालत देखकर पिता वीरपाल सिंह भी सिसकने लगते हैं। घर के हालात देखकर मिलने आने वाले भी चुप रहने के अलावा कुछ नहीं कह पाते। परिवार को सांत्वना देने के लिए कई राजनीतिक और सामाजिक संगठन पहुंचे। पूरे इलाके से सेना के रिटायर लोगों ने भी गमगीन पिता से संवेदना प्रकट की।
नहीं कम हो रहा गुस्सा
गांव के लोगों में गम के साथ गुस्सा भी है। बुधवार को भी अजय के पिता वीरपाल समेत गांव के लोगों ने आवाज उठाई कि सरकार कश्मीर में धारा 370 क्यों नहीं हटा रही। पत्थरबाजों को सजा क्यों नहीं दी जा रही। गांव के लोगों ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द इस मांग पर ठोस निर्णय ले। अजय के घर आने वाली महिलाओं ने भी कहा कि पत्थरबाजों को गोली मारने के आदेश दिए जाएं।
राहुल व प्रियंका गांधी के आने की थी तैयारी
शहीद अजय कुमार के घर पर बुधवार दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के वेस्ट यूपी प्रभारी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने की तैयारी थी। शामली में शहीद हुए प्रदीप के परिजनों के घर से निकलने के बाद उनके बसा टीकरी आने का पता चलते ही पुलिस अफसर भी गांव की तरफ दौड़े। लेकिन बाद में उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों का कहना था कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी। वे मीडिया से जानकारी मिलने के बाद गांव गए।