किसानों ने रोका मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे का काम, पुलिस ने हटाया
मेरठ। मुआवजा न मिलने से क्षुब्ध काशी गांव के किसानों ने मंगलवार को मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर चल रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया। चेतावनी दी है कि यदि मुआवजा नहीं मिला, तो किसान एक्सप्रेस वे पर आकर ही आत्मदाह कर लेंगे। परतापुर थाना पुलिस ने किसानों को जबरन हटाया और कहा कि प्रशासन से जाकर बात करो। इसको लेकर किसानों को रोष है।
काशी गांव निवासी किसान देवीसा, धर्मी, जमील, जितेंद्र, हबीबुल्ला, सलीम, जमालुद्दीन, अलीमुद्दीन आदि ने बताया कि उनकी लगभग 15 बीघा जमीन एक्सप्रेस वे में चली गई, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिला। तीन बार आश्वासन दिया जा चुका है। मंगलवार को काफी संख्या में किसान एक्सप्रेस वे पर पहुंचे और रास्ते में पाइप डालकर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि उक्त जमीन पर 50 साल से हम काबिज हैं। हमारे पास भूमिदर भी है। एनएचएआई अधिकारी मुआवजे का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन एडीएम (एलए) ने मुआवजा देने से मना कर दिया है। जिलाधिकारी भी मना कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि हमने मामला हाईकोर्ट में डाल दिया है। किसान गरीब हैं और एक-एक के हिस्से में एक से डेढ़ बीघा जमीन है। उसी जमीन पर अन्न बोकर बच्चों को पाल रहे हैं। सूचना पर पहुंची परतापुर पुलिस ने किसानों को यहां से हटाया और निर्माण चालू कराया। पुलिस ने कहा कि यदि किसी तरह की दिक्कत है, तो प्रशासन स्तर पर अपनी बात रखें। काम रुकवाने का कोई औचित्य नहीं है। किसानों ने कहा कि वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
वर्जन
कुछ किसान रह गए थे, उनके मुआवजे के लिए भी अधिसूचना जारी कर दी गई है। नियमानुसार एक भी किसान को बिना मुआवजे के नहीं छोड़ा जाएगा। अभिलेखों के हिसाब से पूरा काम हो रहा है। यदि अभिलेखों में ही किसी का नाम नहीं, तो अलग बात है।
- किशोर कान्याल, पीडी एनएचएआई