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गन्ना विकास परीषद के सुपरवाइजर का बडा खेल, बिना गन्ने वाले किसानों को भी बना दिया सदस्य

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अमर उजाला ब्यूरो
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खरखौदा। मोहिउद्दीनपुर गन्ना सोसाइटी के सुपरवाइजर ने गन्ने की खेती नहीं करने वाले सैकड़ों किसानों को भी सदस्य बना दिया है। किसानों की शिकायत पर जिला गन्ना अधिकारी द्वारा भेजी टीम की जांच में इसका हुआ खुलासा है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश गन्ना बेल्ट है। यहां सबसे अधिक गन्ने की फसल पैदा होती है। गन्ना अधिक होने के कारण किसानों को पर्ची समय से नहीं मिल पाती हैं। जिस कारण किसान की आलू तथा गेहूं की फसल भी समय से बुआई नहीं हो पाती है। वहीं, खरखौदा क्षेत्र के आसपास मोहिउद्दीनपुर सोसाइटी का क्षेत्र है। जिसमें 87 गांव के किसान आते हैं। प्रतिवर्ष जो किसान गन्ना पैदा करना छोड़ देते हैं समिति से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाती है। जो किसान गन्ने की फसल की शुरुआत करते हैं उन्हें सदस्य बनाया जाता है। यह कार्य समिति के सुपरवाइजर जोन के अनुसार करते हैं। यह कार्य एक जून से 31 दिसंबर तक चलता है। इस वर्ष भी मोहिउद्दीनपुर समिति में आने वाले 87 गांवों से 2100 नये किसानों को सदस्य बनाया गया था। जिसमें खरखौदा जोन के सुपरवाइजर ने अकेले 800 नए सदस्य बनाये थे। गन्ने का सीजन शुरू हुआ तो बडे़ किसानों की गन्ना पर्ची समय से नहीं पहुंच रही हैं। जिन किसानों के पास गन्ना नहीं है उनको पर्चिंयां मिल रही हैं। जिसको लेकर किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी से सुपरवाइजर द्वारा फर्जी सदस्य बनाए जाने की शिकायत की थी। जिसमें दो दिन पहले जिला गन्ना अधिकारी के आदेश पर टीम जांच को खरखौदा पहुंची। यहां टीम ने कई ऐसे फर्जी खाते पकडे़ जिनके पास गन्ना नहीं है। उनका गन्ने का बड़ा रकबा दिखाकर सदस्य बनाया गया है। जांच में कई ऐसे खाते भी पाए जिनके पास गन्ना तो कम है, लेकिन उनका रकबा बढ़ाकर लिखा है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला गन्ना अधिकारी को सौंप दी है। आरोप है कि फर्जी खाते बनाने के लिए किसानों से मोटी रकम वसूली गई है।
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सभी आरोप निराधार हैं। फर्जी खाते किसने बनाए इस मामले में जानकारी नहीं है। जांच टीम फील्ड में है। टीम ही इस बारे में जानकारी दे सकती है।-केहर सिंह, सुपरवाइजर मोहिउद्दीनपुर समिति यह तो किसानों से धोखा है। किसानों को तो वैसे ही इंडेंट कम मिल रहा है। इसमें सैकड़ों फर्जी किसानों को भी जोड़ा जा रहा है। जांच में मामला फर्जी पाया जाता है तो इसमें कार्रवाई की जानी चाहिए।- देवेंद्र त्यागी, चेयरमैन मोहिउददीनपुर गन्ना परिषद
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जांच हो चुकी है लेकिन अभी रिपोर्ट खुलनी बाकी है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।-सुनील वर्मा, सचिव मोहिउद्दीनपुर समिति
किसानों की शिकायत पर मामले की जांच कराई गई है। जांच में फर्जी खाते मिलने की जानकारी मिली है। जांच रिपोर्ट का अवलोकन नहीं किया गया है। यदि इस मामले में फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।-आनंद कुमार शुक्ला, जिला गन्ना अधिकारी मेरठ
मुख्य बातें
जिला गन्ना अधिकारी ने टीम गठित कर जांच कराई
टीम को जांच के दौरान कई फर्जी खाते मिले
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