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सी-2 फार्मूले से 476 रुपये प्रति क्विंटल कम घोषित हुआ धान का एमएसपी
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ए2+एफएल फार्मूले के तहत घोषित किया एमएसपी 1750 रुपये प्रति क्विंटल
सी-2 फार्मूले से एमएसपी बैठता है 2226 रुपये प्रति क्विंटल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। केंद्र सरकार ने 2018-19 के आम बजट में फसल लागत से डेढ़ गुणा एमएसपी देने के वादे को चालू खरीफ सीजन की फसलों के लिए घोषित करना शुरू कर दिया। लेकिन किसान संगठनों ने इसे पूरी तरह नकार दिया। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने ए2+एफएल फार्मूले के तहत खरीफ फसलों का एमएसपी घोषित किया है, जो पूरी तरह गलत है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट सी2 फार्मूले का समर्थन करती है। ए2+एफएल फार्मूले से सरकार ने धान का एमएसपी 1750 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो सी2 फार्मूले से 2226 रुपये प्रति क्विंटल बैठता है। इस हिसाब से धान का एमएसपी लागत से 476 रुपये कम बैठता है।
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एमएसपी तय करने के हैं तीन फार्मूले
फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने के लिए सरकार के पास तीन फार्मूलेे ए2, ए2+एफएल और सी2 हैं। इन्हीं फार्मूलों में से किसी एक पर अधिकृत 22 फसलों की एमएसपी घोषित की जाती है। एमएसपी घोषित करते समय अखिल भारतीय स्तर पर विभिन्न राज्यों में संबंधित फसल की खेती की लागत को आधार बनाया जाता है। इसके लिए सरकार ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) का गठन किया है। सीएसीपी की सिफारिश पर ही कैबिनेट एमएसपी घोषित करती है।
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ए2 फार्मूला: इस फार्मूले में फसल की कुल लागत को जोड़ा जाता है। इसमें नगदी खर्च के साथ दूसरे तरीकों से होने वाले खर्च को भी लागत का हिस्सा माना जाता है। किसान की ओर से खेती में लगाए बीज, खाद, कीटनाशक, खेतीहर मजदूरों की मजदूरी, बिजली या डीजल और सिंचाई पर होने वाला खर्च शामिल किया जाता है।
ए2+एफएल फार्मूला: इस फार्मूले में फसल की खेती में आने वाले सभी वास्तविक खर्च के साथ परिवार के लोगों की मजदूरी भी लागत में जोड़ी जाती है। यानी इससे ए2 की लागत के साथ खेतिहर परिवार के श्रम को जोड़ा जाता है, जो आमतौर पर लागत का हिस्सा नहीं माना जाता।
सी2 फार्मूला: इस फार्मूले में खेती की लागत की परिभाषा को काफी व्यापक कर दिया है। इसमें पहले दो फार्मूलों से अलग प्रावधान है। इसमें ए2+एफएल के साथ बटाई पर ली गई जमीन का किराया अथवा अपनी खेती होने की दशा में खेत के मूल्य का ब्याज भी जोड़ा जाएगा। ब्याज की दर फिक्स डिपॉजिट के आधार पर तय होगी।
ये हैं लागत फार्मूलाें का गुणा-भाग
उदाहरण के तौर पर धान की फसल पर ए2+एफएल फार्मूले से मौजूदा लागत बनती है 1117 रुपये प्रति क्विंटल और सरकार इस पर डेढ़ गुणा बढ़ाएगी तो किसान को मिलेगा 1675 रुपये प्रति क्विंटल। घोषित एमएसपी है 1750 रुपये क्विंटल, यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी हुई। लेकिन सी2 फार्मूले से धान की प्रति क्विंटल लागत 1484 रुपये बैठती है और इस फार्मूले को मानने पर सरकार को देने पड़ेंगे 2226 रुपये प्रति क्विंटल। किसानों द्वारा मांगे जा रहे सी2 फार्मूले के एमएसपी में 476 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर आ रहा है। इसी तरह खरीफ की अन्य फसलों के एमएसपी में भी लागत से अंतर आ रहा है।
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घट गया धान का रकबा
मेरठ में गन्ने की फसल लगातार धान के रकबे को लील रही है। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिराही ने बताया कि पिछले साल जिले में 10 हजार हेक्टेयर धान का रकबा था जो इस साल घटकर 6 हजार हेक्टेयर रह गया है। यानी किसानों ने चार हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ना बुआई कर दी है।
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