बूंद-बूंद पानी को तरसे नई बस्ती के लोग
मेरठ। नगर निगम जलकल विभाग अपना कर्म ही नहीं बल्कि धर्म भी भूल गया है। गर्मी में लोग बूंद बूंद-पानी को तरस रहे हैं। लेकिन खराब पड़े ट्यूबवेल, सबमर्सिबल ठीक नहीं कराए जा रहे हैं। प्यासी जनता पानी के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगाए हुए हैं। जलकल के अधिकारी हैं न तो जनता की समस्या का समाधान करने को तैयार हैं और न ही फोन उठाने को।
स्वराज अभियान में चयनित है नई बस्ती लल्लापुरा
सरकार ने स्वराज अभियान में नगर निगम के वार्ड नंबर एक यानी नई बस्ती लल्लापुरा को शामिल किया था। सरकार खासकर दलितों में पर्याप्त बिजली, पानी, सफाई, उज्जवला योजना, राशन कार्ड आदि सहित समस्त सरकारी योजनाएं देकर दलितों को लुभाने की रणनीति बनाए हुए थी।
पार्षद तुलसीवती की माने तो एक ट्यूबवेल रिबोर हुए 15 दिन हो गए हैं। लेकिन उसमें मोटर नहीं डाला गया है। वहीं दूसरे ट्यूबवेल की चार दिन पहले मोटर खराब हो गयी थी। जिसको अभी तक नहीं बदला गया अनेकों बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन नगर निगम जलकल विभाग के अधिकारी सुनने को ही तैयार नहीं हैं।
दिन निकलते ही हैंडपंपों पर लगती हैं लाइन
स्वराज अभियान में चयनित वार्ड का कितना विकास हुआ। इसकी बानगी वार्ड में लगे हैंडपंपों पर पानी के लिए लगने वाली लाइनों में देखी जा सकती है। ट्यूबवेल का पानी न मिलने के कारण दिन निकलते ही परिवार की महिलाएं बच्चे घर के अन्य कार्य छोड़कर हैंडपंप से पानी लेने के लिए लाइन में झलकते है। जैसे-तैसे घर के खर्च लायक पानी इकट्ठा करते हैं।
वार्ड नौ में भी ट्यूबवेल खराब
- नगर निगम के वार्ड नंबर नौ की पार्षद प्रिया शाक्य ने बताया कि उनके वार्ड में जहां कई इलाकों में पाइप लाइन नहीं डाली जा रही है वहीं ट्यूबवेल एक माह से खराब है। रिबोर तो हो चुका है, अनेक बार अवर अभियंता से बात की लेकिन मोटर ही नहीं डाली जा रही है। जलकल विभाग में अधिकारी सुनने को ही तैयार नहीं हैं।
ऐसी कोई शिकायत हमारे पास नहीं पहुंची है। अगर पानी की समस्या है तो जलकल विभाग के अधिकारियों का जवाब तलब किया जाएगा। ट्यूबवेल और सबमर्सिबल ठीक कराए जाएंगे।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
खास बातें:
- ट्यूबवैल और सबमर्सिबल खराब, हैंडपंपों पर लगी पानी के लिए लाइन
- पार्षद बोली, अनेक बार शिकायत, लेकिन सुनने को कोई नहीं तैयार