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मकान में तैयार थी ᅭमौत, बस इंतजार था

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मेरठ। पेट्रोल-डीजल में साल्वेंट मिलाकर मोटा मुनाफा कमाने का गोरखधंधा सिवालखास के कई मकानों में चलता है। पुलिस से साठगांठ करके ये लोग रोजाना ‘मौत’ को न्यौता देते हैं। बाबू के मकान में ये धंधा काफी दिनों से चल रहा था। घरों में साल्वेंट केमिकल के ड्रम थे और वहीं पर परिवार रहता था। लोगों को इस ज्वलनशील पदार्थ का पता था। लेकिन बाबू का परिवार मकान में ही सिलेंडर पर खाना बनाता था।
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आग का गोला बना था मकान
बाबू के मकान में आग लगते ही साल्वेंट के ड्रम फटने लगे। ऐसा लग रहा था कि जैसे ब्लास्ट हो रहे हैं। लोग हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, क्योंकि बाबू का मकान आग का गोला बन चुका था। मकान में करीब 15-20 ड्रम होने बताए गए। ड्रम में आग लगते ही ब्लास्ट के साथ आग की लपटें करीब 20-30 फीट ऊपर पहुंचती थी।
पुलिस के खिलाफ आक्रोश
परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग आग मेें बुरी तरह झुलसे हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पुलिस इन लोगों से मोटा पैसा लेकर यह धंधा चलवाती है। यह लोग पहले सरकारी गाड़ियों या टैंकराें से तेल चोरी करते हैं और फिर उसमें साल्वेंट मिलाकर बाजार में पेट्रोल व डीजल बेचते हैं।
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चौकी के पास चलता धंधा
ग्रामीणों ने बताया कि बाबू के घर से चंद कदमों की दूरी पर सिवालखास पुलिस चौकी है। चौकी के पास ही किराये की दुकान में यह लोग दिन भर मिलावट वाला पेट्रोल-डीजल बेचते है। पुलिस ने कभी कार्रवाई नहीं की। हालांकि पुलिस की साठगांठ करने की शिकायत एसएसपी के सामने पहुंची थी। एसएसपी ने जानी थाने में तैनात दरोगा धनवीर सिंह यादव को हटाकर लालकुर्ती ट्रांसफर किया है।
ससुराल से आई थी राखी
पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार को राखी अपनी ससुराल से आई थी। चार साल पहले उसकी शादी हुई थी। मौत की खबर सुनकर राखी का पति मेरठ पहुंचा। परिजनों में कोहराम मचा हुआ। एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी कि सिवालखास में कहां कहां मिलावटी पेट्रोल और डीजल बेचते जाते हैं। साल्वेंट केमिकल घरों में रखना अवैध है।
बुआ-भतीजी आपस में चिपकी मिलीं
फायरब्रिगेड ने बुआ-भतीजी का शव आग से निकला। उन्होंने बताया कि दोनों आपस में चिपकी थीं। जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि राखी ने अपनी भतीजी को बचाने की खातिर सीने से लगाया होगा। लेकिन घर से निकल नहीं सके। जिसके चलते दोनों बुआ भतीजी आग में जलीं। दोनों के शव देखने की लोग हिम्मत नहीं जुटा पाए।
साल्वेंट केमिकल का स्टॉक था
जानी। बाबू ने घर में अवैध रूप से बडे़ पैमाने पर डीजल और पेट्रोल का स्टॉक किया हुआ था। लेकिन आग लगने के बाद ही पुलिस को तेल के स्टाक का पता चला। 18 ड्रम जले मिले। ग्रामीणों के अनुुसार घर में काफी दिनों से केरोसिन, साल्वेंट और अन्य केमिकलों से पेट्रोल और डीजल बनाने का काम किया जा रहा था। ऐसा नहीं हो सकता कि पुलिस को इसकी भनक न लगी हो। शायद यही वजह थी कि शुरूआत में मामूली आग की सूचना फायरब्रिगेड को दी। हालांकि भीषण आग की सूचना पर एसपी देहात और एसडीएम मौके पर पहुंच गए थे।
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खास बातें:
- मकान में साल्वेंट के रखे थे 15-20 ड्रम
- ड्रमों में आग लगते ही आग का गोला बन गया घर
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