मेरठ। मेडिकल कॉलेज में पुराने पोस्टमार्टम हाउस में बृहस्पतिवार दोपहर भीषण आग लगने से करीब 25 साल पुराना रिकॉर्ड खाक हो गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक भवन के पीछे पुराना पोस्टमार्टम हाउस था। करीब दो साल पहले नया पोस्टमार्टम हाउस बनने के बाद पुराने पोस्टमार्टम हाउस में रिकॉर्ड रूम बना दिया था। जिसमें 20-25 साल पुराने रिकॉर्ड के अलावा फर्नीचर और अन्य कागजात रखे थे। कमरों के बाहर पेड़ों से गिरे पत्तों में दोपहर करीब डेढ़ बजे आग लगायी गयी थी। उस दौरान कुछ छात्रों ने रिकॉर्ड रूम से धुआं निकलते देखा। सूचना पर सीएमएस डॉ. अजित चौधरी और एसओ मेडिकल सतीश कुमार मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी। बाद में एफएसओ पुलिस लाइन संजीव कुमार की दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। एफएसओ का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कूड़े से ढेर से लगी आग पत्तों से फैलती हुई रिकॉर्ड रूम तक पहुंची। वहीं, एसओ मेडिकल का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच की जाएगी।
कोई चिंगारी गिर गई हो
प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग के अनुसार हो सकता है कि बाहर से कोई चिंगारी गिर गई हो, जिससे आग लग गई। हालांकि जो मुख्य रिकॉर्ड है, वह अलग रखा है। पुराना रिकॉर्ड ही जला है।
कहीं साजिश तो नहीं
चर्चा है कि रिकॉर्ड रूम में कहीं साजिशन तो आग नहीं लगाई गई। हालांकि सीएमएस का कहना है कि आग पत्तों के ढेर से कमरे तक पहुंची। पुराना सामान जलकर राख हुआ है।
पुराने पोस्टमार्टम हाउस में रिकॉर्ड के साथ रखा था सामान, आग के कारणों की हो रही जांच