आवास तैयार नहीं, जमा कर लिए दस करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास विकास को 144 और एमडीए को देने है 1081 आवास
2019 तक आवास देने का वादा, लेकिन अभी तक शुरू ही नहीं हुआ निर्माण
वाहिद अली
मेरठ। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत एमडीए और आवास विकास में करीब चार हजार पंजीकरण हुए हैं। इनमें दुर्बल आय वर्ग के लोगों से पंजीकरण राशि के तौर पर करीब दस करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। योजना के तहत 1225 लोगों को 2019 तक आवास देना है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है।
2014 में देश में भाजपा की सरकार के आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक सभी को घर देने का वादा किया था। जिसके बाद जिले में दुर्बल आय वर्ग के 55 हजार लोगों ने डूडा में ऑनलाइन आवेदन किए। इसी योजना के तहत आवास विक ास को 144 और एमडीए को 1081 आवास देने हैं। दोनों विभागों ने 2019 तक करीब 26 वर्ग मीटर में आवास देने का वादा किया है। दोनों विभागों में करीब चार हजार पंजीकरण हुए है। दुर्बल आय वर्ग वाले परिवारों से पंजीकरण राशि के तौर पर 25-25 हजार रुपये भी जमा भी करा लिये हैं, लेकिन अबी तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है।
ढाई लाख मिलेगी सब्सिडी
आवासों को लेकर अभी पंजीकरण वाले लोगों का डूडा द्वारा सत्यापन भी होना है। सत्यापन के बाद आवास मिलने वाले पात्रों का चयन होगा। जिसके बाद इन लोगों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये विभागों में और जमा करने होंगे। दुर्बल आय वर्ग के लोगों को मिलने वाले आवासों पर सरकार द्वारा ढाई लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। जिसके बाद साढ़े चार लाख रुपये का आवास दो लाख रुपये में मिलेगा। हालांकि दोनों विभागों के उच्च अधिकारी जल्द आवासों के निर्माण का आश्वासन दे रहे हैं। वहीं एमडीए के पास शताब्दीनगर, लोहियानगर और श्रद्घापुरी में आवास मौजूद हैं, लेकिन वो बिक नहीं पाये। एमडीए उन्हें प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत देने की तैयारी कर रहा था। लेकिन डूडा अधिकारियों ने आवासों को दुर्बल आय वर्ग के लोगों को देने से मना कर दिया। जिसके बाद नये तरीके एमडीए आवास देने की तैयारी कर रहा है।
2022 तक कैसे मिलेंगे आवास
जिले में दुर्बल आय वर्ग के आवास के लिए डूडा में कुल 55 हजार पंजीकरण हुए है। सरकार की इस योजना को चार साल बीत गए, लेकिन अभी तक आवासों के वितरण का कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। अब इन 55 हजार लोगों में से मात्र 1225 लोगों को आवास देने की योजना तैयार हुई है। ऐसे में 2022 तक प्रधानमंत्री योजना के तहत 55 हजार लोगों को घर देना चुनौती से कम नहीं है।
टेंडर नहीं हुए स्वीकृत
एमडीए वीसी साहब सिंह ने बताया प्रधानमंत्री आवास योजना में करीब साढे़ तीन हजार पंजीकरण हुए है। ये आवास शताब्दीनगर, जागृति विहार और लोहियानगर में बनने हैं। जिनके लिए ऑनलाइन टेंडर के आवेदन भी हो गये हैं। लेकिन टेंडर अभी स्वीकृत नहीं हुए हैं।
जल्द होगा निर्माण
आवास विकास के अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह ने बताया इस योजना के तहत जागृति विहार सेक्टर चार में आवास तैयार होने हैं। जिसके लिए टेंडर के ऑनलाइन आवेदन तो हो गये, लेकिन स्वीकृति अभी नहीं हुई है। टेंडर पास होंगे तो जल्द आवासों का निर्माण शुरू होगा।