फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10वीं रिजल्ट आया, स्ट्रीम के सिलेक्शन ने छकाया

विज्ञापन
विज्ञापन
रिजल्ट आया, स्ट्रीम के सिलेक्शन ने छकाया
विज्ञापन

मेरठ। यूपी बोर्ड दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम आ चुका है। बोर्ड परीक्षा में पास होने के बाद अब छात्रों के सामने बड़ी चुनौती विषय का चयन है। 11वीं कक्षा में छात्रों को स्ट्रीम लेकर पढ़ाई करनी होगी। शहर के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में कला, विज्ञान, गणित और वाणिज्य संकाय संचालित हैं। छात्र 11वीं में क्या विषय लेकर पढ़ाई करें जिसकी मदद से छात्र आसानी से 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों से पास हो जाएं। जिस विषय को छात्र रुचि से पढ़ सकें और आसानी से करियर बना सकें। हर घर में यही चर्चा है कि छात्र आगे की पढ़ाई कौन से विषय से करें। 25 मई के आसपास सीबीएसई का रिजल्ट आना प्रस्तावित है। आईसीएसई का रिजल्ट भी मई अंत में आना प्रस्तावित है। लेकिन दोनों बोर्ड के छात्र अभी से 11वीं में क्या स्ट्रीम लेें इसको लेकर चितिंत हैं।

रुचि, नंबर देखकर ही चुनें स्ट्रीम
सीबीएसई काउंसलर डॉ. पूनम देवदत्त कहती हैं कि स्ट्रीम का चयन बेहद सोच समझकर करना होगा। क्योंकि आगे की सारी पढ़ाई स्ट्रीम पर आधारित होगी। इसलिए छात्र 11वीं में जिस विषय से पढ़ाई करेगा वही विषय उसके करियर का आधार बनेगा। स्ट्रीम चयन में जल्दबाजी न बरतें। दूसरे छात्रों, मित्रों या किसी के कहने, दवाब में विषय न चुनें। विषय का चयन प्री बोर्ड परीक्षा व दसवीं की बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर करें। संबंधित विषय में आपके अंकों का अनुपात क्या है उसे देखकर ही 11वीं में संबंधित विषय लें। गणित, विज्ञान विषय ले रहे हैं तो अपनी रुचि भी उस विषय में देख लें। जो भी विषय लिया है उसको पढ़ने में रुचि है या नहीं। प्रमुख बिंदु करियर स्कोप है। अगर इंजीनियर बनना है तो गणित लें, लेकिन प्रशासनिक सेवा में जाना है तो कला संकाय से भी पढ़ाई हो सकती है। इसलिए करियर स्कोप देखकर ही विषय चुनें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीएसई में नहीं मिलेगा मॉडरेशन पॉलिसी का लाभ
बोर्ड ने इस वर्ष छात्रों को मॉडरेशन पॉलिसी का लाभ देने से मना कर दिया है। पिछले वर्ष तक बोर्ड मॉडरेशन पॉलिसी के तहत छात्रों को मार्जिनल मार्क्स देकर छात्र को पास कर देता था। छात्र फर्स्ट डिवीजन लाने में दो से पांच नंबरों तक पीछे है तो उसे मार्जिनल नंबर देकर फर्स्ट डिवीजन में ला दिया जाता था। इस वर्ष से बोर्ड ने यह सुविधा देने से इंकार कर दिया है। छात्र ने जो उत्तर दिया है वही नंबर दिए जाएं। मॉडरेशन पॉलिसी खत्म होने से इस वर्ष सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम की मेरिट कम होने की आशंका जताई जा रही है। पासिंग परसेंटेज भी कम हो सकता है।

खास बातें:
दसवीं के बाद स्ट्रीम का चयन बन रहा छात्रों की परेशानी
25 मई क ो सीबीएसई 10वीं का आ सकता है रिजल्ट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें