मेरठ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को कचहरी स्थित दीवानी न्यायालय सहित तहसील मवाना और सरधना में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिनमें कुल 35368 विभिन्न वादों का निस्तारण किया गया।
प्राधिकरण अध्यक्ष/जिला जज आलोक सक्सेना द्वारा कुल 19 वादों में मोटर दुघर्टना प्रतिकर के 12 वादों का निस्तारण कर 41.25 लाख रुपये पीड़ित पक्षकाराें को दिलाए गए। अन्य सिविल प्रकृति के भी 7 वाद निस्तारित किए गए। अपर जिला एवं सत्र न्यायालयों द्वारा मोटर दुघर्टना प्रतिकर के 80 वादों का निस्तारण कर करीब 3.98 करोड़ रुपये पक्षकारों को दिलाए गए। प्रीलिटीगेशन स्तर के बैंक वसूली के 147 मामलों में समझौता धनराशि के रूप में 2.13 करोड़ रुपये की वसूली की गयी।
परिवार न्यायालय द्वारा वैवाहिक 68 वाद निस्तारित कर दो लाख रुपये पीड़ित पक्षकारों को दिलाए गए। जबकि 16 दंपतियों को साथ-साथ रहने के लिए भेजा गया। अतिरिक्त परिवार न्यायालय द्वारा 21 और जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) द्वारा वैवाहिक चार वाद निपटाए गए। जिला कोर्ट में 199 व्यावहारिक वादों के साथ 13659 फौजदारी शमनीय प्रकृति के वादों का निस्तारण कर 5.23 लाख रुपये अर्थ दंड वसूला गया। जनपद न्यायालय में 84 वाद 138 एनआई एक्ट के निस्तारित हुए। राजस्व वादों से संबंधित न्यायालयों व प्राधिकारियों द्वारा भी लोक अदालत में 1214 वादों को निपटाया गया। श्रम न्यायालय द्वारा 8 वाद जबकि अन्य प्रकृति के 19812 वाद प्रीलिटीगेशन स्तर के निपटाए गए।