चंद्रप्रकाश की सेवाएं खत्म, सलेख चंद सस्पेंड
मेरठ। सीसीएसयू में रिटायर होने के बाद भी संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी चंद्रप्रकाश का नाम कॉपियां बदलवाने में सामने आने के बाद कुलपति ने उसकी सेवाएं खत्म करने के आदेश दिए हैं। साथ ही सलेख चंद को भी सस्पेंड कर दिया है। एसटीएफ की जांच में एमबीबीएस की सबसे ज्यादा कॉपियां मुजफ्फरनगर के छात्रों द्वारा बदलवाने की जानकारी सामने आई है। इन सभी छात्रों को चिह्नित किया जा रहा है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ यूनिवर्सिटी ने जांच गठित कर दी है। मूल रूप से अलीगढ़ निवासी चंद्रप्रकाश के दोनों बेटों की पढ़ाई के बारे में भी एसटीएफ जांच कर रही है। इन दोनों ने उम्र में चार साल का अंतर होने के बाद भी सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज से एक ही वर्ष में बीटेक किया है। चंद्रप्रकाश को दस हजार रुपये प्रतिमाह पर रखा गया था। इसके पकड़े जाने के बाद दूसरे कर्मचारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
एमबीबीएस पेपर लीक मामले में जुटाए सुबूत
मेरठ। एसटीएफ की टीम ने एमबीबीएस पेपर लीक मामले में भी सुबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसमें एक कॉलेज के कई डॉक्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं। इसी के साथ कॉलेज के कई कर्मचारियों की भी पेपर लीक करने में भूमिका बताई जा रही है। एसटीएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपियों के चिह्नित होने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
एमबीबीएस के मेरठ मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखुवा के रामा मेडिकल कॉलेज, हापुड़ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज और मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज के सेकेंड और थर्ड ईयर की पांच फरवरी से परीक्षाएं शुरू हुई थीं। मेरठ और सहारनपुर के कॉलेज में सेल्फ सेंटर था। पिलखुवा का सेंटर एडेड कॉलेज आरएसएस पिलखुवा, हापुड़ का सेंटर एमएम डिग्री कॉलेज मोदीनगर और मुजफ्फरनगर का सेंटर जैन कन्या पीजी कॉलेज मुजफ्फरनगर में बनाया गया था। 11 फरवरी को विवि के अधिकारियों के पास व्हाट्स एप पर कुछ सवाल भेजकर थर्ड ईयर के सेकेंड पार्ट सर्जरी का पेपर आउट होने की बात कही गई थी।
कुलपति द्वारा बनाई गई आंतरिक कमेटी ने जांच में पेपर आउट मिलने पर आगे की सारी परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इस मामले में एक जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की जांच में एक सेल्फ सेंटर वाला कॉलेज शक के घेरे में आया था। इसके लिफाफे को देखकर इसे खोलने के बाद दोबारा चिपकाए जाने की आशंका लग रही थी। पूरे मामले में मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन वो जांच आज तक भी आगे नहीं बढ़ सकी। विवि भी इसको लेकर अपनी जांच आगे नहीं बढ़ा पाया।
संदीप पहल ने की एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग
पूरे मामले में सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने घोटाले में संलिप्त समस्त कर्मचारियों, सेंटर इंचार्ज और दलालों के साथ कॉपी बदलने वाले सभी छात्रों को जेल भेजने के साथ ही एनएसए की कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पूरे प्रकरण की एसआईटी या सीबीआई जांच कराने की मांग की है।