फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

14 हजार 400 स्क्वायर फिट में खड़ी है 60 फिट ऊंची यज्ञशाला

विज्ञापन
विज्ञापन
14400 वर्ग फीट में बनी 60 फिट ऊंची यज्ञशाला
विज्ञापन

- अयुतचंदी महायज्ञ पर खर्च होंगे डेढ़ करोड़, काशी के ब्राह्मण ही रहेंगे यज्ञ शाला में
- राजस्थान के कारीगरों ने भैसाली मैदान में बनायी यज्ञशाला, देखने को उमड़े भक्त
- बाहर से ही यज्ञशाला की परिक्रमा कर पाएंगे लोग, यज्ञ के बाद घर-घर पहुंचेंगे जौ
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भैसाली मैदान में आयुतचंडी महायज्ञ के लिए तैयार की गई यज्ञशाला 14400 वर्ग फीट एरिया में तैयार की गई है। 60 फिट ऊंची इस यज्ञशाला को बनाने में लोहे के तार या कील का प्रयोग नहीं किया गया है। भव्य इमारत को राजस्थान बीकानेर के कारीगरों ने तैयार किया है। इसे देखने वालों की भैसाली मैदान में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है।

साढ़े चार लाख से बनी यज्ञशाला
अयुतचंडी महायज्ञ के आयोजन पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सभी धार्मिक परिवारों ने ये खर्च किया है। साढ़े चार लाख की लागत से यज्ञशाला तैयार हुई है। इसके अलावा विशाल सत्संग स्थल, संतों के ठहरने की व्यवस्था और समिति कार्यालय आदि पर भी खर्च है। महायज्ञ में आने वाली जनता की सुरक्षा और सुविधाएं भी विशेष होंगी।
विज्ञापन


यज्ञ में लगेगा गाय का 51 टिन घी
महायज्ञ के लिए समिति ने 51 टिन गाय के घी की व्यवस्था की है। यहां सामग्री और अन्य सामान देने वालों की भी लाइन लगी है। महानगर की जनता धर्म लाभ से वंचित नहीं रहना चाहती है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि महायज्ञ में प्रतिदिन कई हजार श्रद्धालु पहुंचेंगे।

अंदर आहुति तो बाहर हरियाली
यज्ञशाला में अंदर हवन कुंड में अग्नि तो बाहर हरियाली होगी। यज्ञशाला के बाहर चारों तरफ जौ बोए गए हैं। जो नवरात्र में हरियाली बिखेरेंगे। इस हरियाली को अपने घर तक ले जाने, पूजन स्थल, तिजौरी में रखने और बही खातों में रखने वालों की होड़ रहेगी।

काशी के ब्राह्मणों को ही मिलेगा स्थान
यज्ञशाला में बने हवन कुंडों पर काशी के ब्राह्मण ही बैठेंगे। जो मंत्रों के साथ हवन पूजन करेंगे। महानगर और आसपास के शहर व गांवों से आने वाले श्रद्धालु यज्ञशाला के बाहर परिक्रमा स्थल पर ही दिखाई देंगे। वहीं से महामंत्र का जाप करते हुए आहुतियां देंगे।
विज्ञापन


प्रतिदिन होगी कथा और महाआरती
महायज्ञ समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि जहां प्रतिदिन सुबह शाम श्रीराम कथा और श्रीमद् भागवत देवी कथा होगी। वहीं शाम के समय महाआरती होगी। जो इस धार्मिक कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगाएगी। समिति उपाध्यक्ष गिरीश बंसल का कहना है कि 17 को विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। संत भी कलश यात्रा में शामिल होंगे। 18 से 26 मार्च तक महायज्ञ होगा। यह कार्यक्रम महानगर की जनता के लिए एतिहासिक होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें