न जोर चला न सिफारिश, पुलिस वालों के कटे चालान
मेरठ। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य करने की दिशा में ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार से इसकी शुरुआत घर (पुलिस महकमे) से ही की। आदेश डीजीपी का था, इसलिए न तो किसी पुलिस वाले का जोर चला और न स्टाफ का होने की सिफारिश काम आई। सिपाही से लेकर दरोगा और इंस्पेक्टर के भी चालान कटे। जिससे सीधे-सीधे पब्लिक को संदेश दिया गया है कि अगर उनके पास भी हेलमेट नहीं मिला तो कोई सिफारिश नहीं चलेगी। दिन भर में शहर में कुल 461 चालान कटे जिनमें 193 पुलिसकर्मियों के रहे। कुल 28500 रुपये शमन शुल्क में पुलिसकर्मियों से 20300 रुपये शमन शुल्क वसूला गया।
सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा कम करने के लिए यह हेलमेट अभियान आगरा की तर्ज पर शुरू किया गया है। प्रदेश के पुलिस मुखिया ओपी सिंह ने इस अभियान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। जिस पर एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने बुधवार सुबह 9:30 बजे से ट्रैफिक पुलिस की कई टीमों को चेकिंग के लिए प्रमुख प्वाइंटों पर तैनात किया। इनमें टीआई एसके सिंह और ट्रैफिक एंजिल की टीम पुलिस ऑफिस तो टीएसआई दीन दयाल दीक्षित के नेतृत्व में पांच टीमें कोपुलिस लाइन के गेट नंबर 1, 3, 4 और 5 नंबर पर लगा दी गईं। कुछ टीमें शहर के मुख्य चौराहों पर लगाई गईं।
नहीं मिला बचने का मौका
पुलिस ऑफिस और पुलिस लाइन में जो पुलिसकर्मी दोपहिया वाहन से बिना हेलमेट पहुंचे, उन्हें घेराबंदी कर रोक लिया गया। किसी भी पुलिसकर्मी को बचने का मौका नहीं मिला। इनमें सिपाही, दरोगा, इंस्पेक्टर, फायर ब्रिगेड के सिपाही, फैंटम पुलिस, एलआईयू और पुलिस के अन्य विभागों में तैनात कर्मचारी रहे। इनसे मौके पर ही शमन शुल्क जमा करा लिया गया। बिना हेलमेट पर 100 रुपये जुर्माना है। इसके अतिरिक्त वाहन के कागज न होने और ट्रिपल राइडिंग होने पर अतिरिक्त शुल्क लगा।
वाहन चलाते समय हेलमेट लगाओ, ड्यूटी पर कैप
इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने ट्रैफिक पुलिस पर रौब गालिब कर दबाव बनाने की भी कोशिश की। कुछ ने स्टाफ का होने की दुहाई दी। एक इंस्पेक्टर तो एक टीएसआई से ही उलझने को तैयार हो गया। पूछा कि हेलमेट लगाऊं या कैप। टीएसआई ने भी जवाब दिया कि सर दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट लगाएं और ड्यूटी के वक्त कैप। कुछ कांस्टेबलों ने अपने एचओडी से बात कराने का अनुरोध किया। लेकिन जवाब मिला कि ये अभियान विशेष रूप से पुलिस कर्मियों के लिए ही चला है। कानून तो सबके लिए बराबर है। आदेश भी डीजीपी साहब के हैं।
पुलिस के साथ पब्लिक
टीआई के अनुसार इस अभियान में आम वाहन चालकों के भी चालान हुए। अधिकांश महिलाएं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते मिलीं। इनमें इनमें एक कॉलेज की महिला प्रोफेसर भी रहीं। शहर के पॉश इलाकों की महिलाएं भी इनमें रही। वहीं, ट्रिपल राइडिंग करने वाले युवक भी रहे। कुछ लोगों ने बिना हेलमेट होने के बावजूद नेताओं से बात कराने की कोशिश की। लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने बात करने से इंकार कर तुरंत चालान काट दिया।
मजबूती से चलेगा अभियान
हेलमेट अभियान को लेकर ट्रैफिक पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई है। यह अभियान मजबूती से चलेगा। -मंजिल सैनी, एसएसपी
खास बातें:
461 चालान कटे, जिनमें पुलिसकर्मियों के 193 रहे
28500 रुपये शमन शुल्क, इनमें पुलिसकर्मियों से वसूला 20300 रुपये
ह़ेलमेट अभियान की डीजीपी के निर्देश पर घर से ही हुई शुरुआत
सिपाही से लेकर दरोगा और इंस्पेक्टर के भी काटे गए चालान