मेरठ में बनेगी औद्योगिक विकास की नई तस्वीर
- 684.05 करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारना होगा बड़ी चुनौती
- इंवेस्टर्स समिट 2018 से औद्योगिक क्रांति की नई उम्मीद लेकर लौटे उद्यमी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की नई इबारत लिखने के लिए हुई इंवेस्टर्स समिट मेरठ में विकास की नई तस्वीर रचेगी। समिट में मेरठ जिले के लिए 684.05 करोड़ रुपये के 59 एमओयू साइन हुए। करोड़ों के इस कागजी निवेश को धरातल पर लाना शासन व उद्योग विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। लखनऊ में आयोजित समिट से लौटे विभिन्न विभागों के अफसरों क ो अब भारी भरकम निवेश को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी कवायद करनी होगी। बृहस्पवितार को समिट समापन के बाद उद्यम क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद लेकर जिले के 40 से अधिक उद्यमी भी वापस लौटे।
कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेवेन्यू का होगा विकास
इंवेस्टर्स समिट के बाद जिले में कनेक्टिविटी, विकास और रेवेन्यू तीनों स्तरों पर बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न उद्योगों क ो उत्पादों के विक्रय, कच्चा माल एवं मशीनरी मंगाने के लिए अच्छी रोड कनेक्टिविटी की जरूरत होगी। कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाया जाएगा। 59 एमओयू में 100 से अधिक इकाइयाें की स्थापना होगी, जिन्हें विकसित करने के लिए जमीन की जरूरत होगी। यूपीएसआइडीसी व पिकप के माध्यम से जमीन की तलाश पूरी होगी। इस जमीन पर इकाइयां लगाई जाएंगी। पर्यटन, होटल, रोजगार व बाजार के पैमाने पर भी मेरठ को गति मिलेगी। इसका सीधा असर रेवेन्यू पर होगा।
विभागीय सामंजस्य से हल होगी दिक्कतें
इंवेस्टर्स समिट में साइन हुए अधिकांश एमओयू उद्योग के विस्तारीकरण व उद्यम क्षेत्र के परिवर्तन के हैं। इन प्रस्तावों को पूरा करने के लिए वित्त, उद्योग, वन, जल, बिजली, पीडब्लूडी व एमडीए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। समिट में सभी विभागों के अफसरों को बुलाने का प्रमुख उद्देश्य यही था कि विभागीय अधिकारी उद्योगों की संबंधित विभाग से जुड़ी सभी अनुमतियां व आपत्तियां जल्द निस्तारित करें। ताकि निवेश की राह में विभागीय कार्रवाई रोड़ा न बने।
उद्योगों के विकास में ये हैं बड़ी चुनौतियां
. 684.05 करोड़ के निवेश में इकाइयाें के विस्तारीकरण के लिए जमीन की तलाश।
. किसानों से जमीन लेना, वन क्षेत्र पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण
. इतने बड़े निवेश के लिए बैंक लोन दिलवाना।
. औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी व यातायात मुहैया कराना
. उद्यमियों को बिजली शुल्क, विकास शुल्क, स्टांप शुल्क में रियायत दिलाना
वर्जन
इंवेस्टर्स समिट के समापन के बाद अब प्राप्त सभी एमओयू को छांटकर उनसे जुड़ी जरूरतों व समस्याओं को वर्गीकरण करेंगे। इसके बाद संबंधित एनओसी व छूटों पर कार्य शुरू होगा। निवेश मित्र के माध्यम से सभी उद्यमियों को जोड़ने का काम शुरू होगा। ताकि जल्द से जल्द निवेश के सभी प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा सके। यूपीएसआईडीसी के माध्यम से भूमि की तलाश का काम होगा। -ऋषि रंजन गोयल, सहायक आयुक्त उद्योग