कैंट की सड़कों पर जोखिम में जान
मेरठ। छावनी क्षेत्र में सड़कों पर पेड़ के तने बैरियर के रूप में लगा दिए हैं। कोहरे में पेड़ के तने से टकराकर लोग आए दिन घायल हो रहे हैं, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। लोगों का आरोप है कि कैंट बोर्ड ने टोल टैक्स ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह के बैरियर लगाए हैं। शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
डेयरी फार्म रोड पर कैंट बोर्ड ने पेड़ों के तने बैरियर के रूप में लगा दिए हैं। इसके अलावा हजारी की प्याऊ से बेगमपुल जाने वाले मार्ग पर र्साइं मंदिर के निकट भी पेड़ के तनों को बैरियर बनाया है। कोहरे के कारण ये दिखाई नहीं देते, ऐसे में किसी अनहोनी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात्रि पेड़ के तने टकराकर एक बाइक सवार घायल हो चुका है।
पेड़ के तनों पर कैंट बोर्ड का स्टिकर
कैंट बोर्ड के प्रवक्ता एमए जफर का कहना है कि डेयरी फार्म रोड और हजारी की प्याऊ पर कैंट बोर्ड ने कोई पेड़ के तने नहीं डलवाए हैं। अगर मार्ग अवरुद्ध किया गया है तो बुधवार को दिखवाया जाएगा। अब ऐसे में सवाल उठता है कि ये पेड़ के तने किसने डलवाए हैं और उन पर कैंट बोर्ड के स्टिकर भी लगा रखे हैं।
मार्ग अवरुद्ध होना ठीक नहीं है। अगर कैंट बोर्ड द्वारा सड़क पर पेड़ के तने डालकर बैरियर बनाया गया है तो सीईओ से बात की जाएगी। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष, कैंट बोर्ड
खास बात
सड़क पर पेड़ के तने बैरियर के रूप में लगाए, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई