फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैमरे में कैद हुए तो भरना पड़ेगा जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। नाले-नालियों में कूड़ा और गोबर डालने वाले, पॉलीथिन बेचने वाले और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले लोग सावधान हो जाएं। नगर निगम ने सभी सफाई निरीक्षकों को कैमरे सौंप दिए हैं, जो ऐसे लोगों को कैमरे में कैद कर इसका सुबूत नगर निगम में जमा करेंगे। निगम द्वारा लगाया गया जुर्माना न भरने पर तहसील से रिकवरी होगी। वहीं, ये कैमरे सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति जानने में भी सहायक होंगे।
विज्ञापन

योजना अच्छी, आगे तो बढ़े
नगर निगम प्रशासन द्वारा गंदगी पर अंकुश लगाने की यह योजना तो अच्छी है। लेकिन यह धरातल पर कितनी असरदार साबित होगी, यह वक्त ही बताएगा। दरअसल सफाई इंस्पेक्टर रोजाना सुबह अपने-अपने वार्ड में पहुंचकर सफाई कराते हैं। इंस्पेक्टर अपने-अपने वार्ड के नाले और उस क्षेत्र में संचालित डेरियों के संबंध में जानकारी रखते हैं। नगर निगम प्रशासन ने सफाई इंस्पेक्टरों को प्राथमिकता पर नाले में गोबर, कूड़ा डालने वाले और पालीथिन बेचने वालों को कैमरे में कैद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वार्ड में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की फोटो भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नगरायुक्त को भेजनी होगी।

- नालों में न डाले कूड़ा और गोबर
- सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों की खैर नहीं
- कर्मचारियों के साथ अभद्रता की तो होगी कार्रवाई
- कर्मचारियों की लापरवाही की भी खुलेगी पोल

- इस नई पहल से जहां नाली-नालों में कूड़ा डाले जाने पर प्रतिबंध लगेगा। वहीं कूड़ा डालने वालों पर प्रूफ के साथ शिकंजा कसा जाएगा। नाले में कूड़ा डालने वालों पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। अगर जुर्माना नगर निगम में जमा नहीं किया जाता है तो उसकी रिकवरी तहसील के माध्यम से करायी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।

स्वच्छता के लिए सख्त रुख
- कैमरे में कैद होंगे गंदगी फैलाने वाले, भरेंगे जुर्माना
- नगर निगम ने सफाई इंस्पेक्टरों को सौंपे कैमरे
- नाले-नालियों में गोबर, कूड़ा डालने वालों पर लगेगा दो हजार जुर्माना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें