मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव स्याल में साहूकार तेजपाल वर्मा की हत्या और लूटपाट की वारदात में पुलिस ने क्षेत्र के नए और पुराने 40 अपराधियों से गहन पूछताछ की है। हालांकि पुलिस को अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं मिला है। सर्विलांस टीम परिजनों समेत अन्य संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन की सीडीआर और घटनास्थल से उठाई गई मोबाइल फोन की बीटीएस खंगालने में लगी है। आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
स्याल निवासी 70 साल के बुजुर्ग साहूकार तेजपाल वर्मा की शनिवार रात को बदमाशों ने लूटपाट के दौरान हत्या कर दी थी। तेजपाल बरामदे में सो रहे थे, तभी छत से रास्ते से बदमाश घर में घुसे। साहूकार को दबोच कर दुपट्टे से हाथ पैर बांधकर बंधक बनाया था। बदमाशोें ने कमरे की चाबी लेकर अलमारी के ताले तोड़कर 15 तोले सोने के आभूषण, दो किलो चांदी और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद लूट लिए थे। शोर मचाकर लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने तेजपाल वर्मा का मुंह दबाकर उसकी हत्या की और छत के रास्ते भाग गए थे। एसएसपी ने वारदात के खुलासे के लिए सर्विलांस, स्वाट समेत पांच टीम लगा रखी हैं। पुलिस की टीम संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है।
एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि टीम अलग-अलग कई अह्म बिंदूओं पर काम कर रही हैं। बीटीएस (बेस ट्रांससीवर स्टेशन) का डाटा मिलने पर पुलिस को अह्म सुराग मिल सकते हैं। पुलिस जल्द ही वारदात का खुलासा करेगी।
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काश गणेश विसर्जन यात्रा में नहीं जाती
पति तेजपाल की हत्या और लूटपाट की घटना को याद करके उसकी पत्नी सरोज मुरादनगर में बेटी रेखा के घर गणेश विर्सजन यात्रा में जाने पर स्वयं को ही कोस रही है। वह कह रही है कि काश वह अपने पति को छोड़कर मुरादनगर न जाती तो शायद घटना के दौरान वह अपने पति की मदद कर पाती। तेजपाल के बेटे से राहुल ने बताया कि वह पिता के जाने के बाद अपनी मां सरोज और भाभी शीतल को गांव में अकेले नहीं छोड़ सकता है। वहीं मां और शीतल भाभी और उनके बच्चों को हमेशा अपने पास ही रखेगा।