शहर की सड़कों को 35 दिनों में चकाचक करना विभागों के लिए चुनौती ही है। अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। जिनको बनाने के लिए एमडीए, नगर निगम, आवास विकास, पीडब्लूडी, जल निगम 100 करोड़ रुपये खर्च करेगा। सभी विभागों के अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशानुसार 15 जून से पहले सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे तो कर रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल है कि इतने कम वक्त में क्या ये हो पाएगा। मुख्यमंत्री के आदेश जारी हुए करीब एक माह बीत चुका है। वहीं, अभी तक सड़कों पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। सभी विभागों का काउंट-डाउन शुरू हो गया है।
निगम सड़कों पर करेगा 23 करोड़ खर्च
नगर निगम ने शहर की सड़कों पर 23 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनायी है। इनमें कुछ सड़कों को पूरी तरह बनाया जाना प्रस्तावित है तो 59 सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। इनमें खैरनगर चौराहा से इंदिरा चौक तक, भूमिया पुल से मेट्रो प्लाजा तक, शास्त्रीनगर गुरुद्वारा मार्ग, शास्त्रीनगर सेक्टर नौ, 10/11 के बीच सड़क, सेक्टर नौ वंसतिका स्कूल वाली सड़क, श्यामनगर रोड, सरधना रोड से मार्शल पिच तक, तुलसी कालोनी की सभी गलियां, डाबका में पेचवर्क, गोल्डन एवेन्यू कालोनी के मुख्य मार्ग, गोलाबड़, सरस्वती विहार, शिवरामपुरम, शालीमार गार्डन जाने वाले मार्ग, बच्चा पार्क से शिव चौक तक, कमिश्नरी चौराहे से जेलचुंगी तक, सर्किट हाउस से स्टेडियम चौराहा तक, पीएल शर्मा रोड, सर्किट हाउस से सूरजकुंड नाला पुल तक, नई बस्ती लल्लापुरी में दिल्ली रेलवे लाइन से हापुड़ रेलवे लाइन तक सहित 59 सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। जिनके लिए टेंडर किए जा रहे हैं।
पीडब्लूडी तथा एमडीए भी तैयार
पीडब्लूडी ने जहां छह काम के टेंडर डाले हैं तो अहम काम रोहटा रोड का निर्माण है। इसी से जोड़ने वाली अन्य सड़कों पर भी काम होना है। कुल मिलाकर बीस करोड़ से ज्यादा के ऐेसे काम हैं जो 15 जून से पहले होने हैं। इसके अलावा इतनी ही सड़कों पर एमडीए का भी प्लान बन रहा है। न केवल शहर बल्कि आउटर पर भी सड़कों को गड्ढा मुक्त करना होगा।
आवास विकास की जिम्मेदारी भी निगम को
आवास विकास अपनी अधिकांश सड़कें नगर निगम को हैंडओवर कर चुका है। ऐसे में इन सड़कों को भी नगर निगम को ही बनाना होगा। हालांकि आवास विकास की कुछ रोड ऐसी हैं, जिन पर काम आवास विकास को ही करना है। आरटीओ रोड पर आवास विकास काम कर चुका है। जागृति विहार क्षेत्र में कुछ काम प्रस्तावित है।