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महिला संबधी अपराधों में 331 प्राथमिकी दर्ज, 445 दोषियों को हुई सजा : डीआईजी

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मेरठ। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने मिशन शक्ति 5.0 और ऑपरेशन कन्विक्शन की समीक्षा की। इसमें पाया कि 331 प्राथमिकी रेंज में अब तक इस साल दर्ज हुईं। इसमें 445 दोषियों को सजा हुई है।
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डीआईजी ने बताया कि मेरठ में महिला संबंधी 93 केस में 130 दोषियों को मजबूत पैरवी कर सजा दिलाई गई। 20 केस में 25 दोषियों को आजीवन कारावास, 11 केस में 12 दोषियों को 20 वर्ष का कारावास और 17 केस में 27 दोषियों को दस वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई। हत्या और दहेज हत्या में 28, पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म में 75, अपहरण और छेड़छाड़ व अन्य में 27 दोषियों को सजा हुई है।
बुलंदशहर में महिला संबंधी 125 केस में 162 दोषियों को सजा दिलाई गई। इसमें 10 केस में 17 दोषियों को आजीवन कारावास, 11 केस में 19 दोषियों और 20 वर्ष का कारावास एवं 45 केस में 50 दोषियों को 10 वर्ष की सजा हुई। हत्या और दहेज हत्या मे 40, पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म में 101, अपहरण छेड़छाड़ व अन्य में 21 दोषियों को सजा हुई है।
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बागपत में महिला संबंधी 33 प्राथमिकी दर्ज की गईं। 48 दोषियों को सजा दिलाई गई। इसमें दो दोषियों को आजीवन कारावास, एक दोषी को 20 वर्ष का कारावास हुआ। 11 दोषियों को दस साल की सजा हुई है। हत्या और दहेज हत्या में तीन, पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म में 36, अपहरण और छेड़छाड़ व अन्य मामलों में नौ दोषियों को दस साल की सजा हुई है।
हापुड़ में 80 केस में 105 दोषियों को सजा दिलाई गई। 15 दोषियों को आजीवन कारावास, 15 दोषियों को बीस साल की कारावास, नौ दोषियों को 10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। हत्या और दहेज हत्या में 14, पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म में 59, अपहरण छेड़छाड़ व अन्य में 32 दोषियों को सजा हुई है।
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