अच्छे संसाधनों पर अभ्यास कर हरियाणा बना अव्वल
हरियाणा के रोहतक निवासी एथलीट विकास ने बताया कि यूपी के मुकाबले हमारे प्रदेश में खेलों के अच्छे संसाधन हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में घास पर दौड़ना पड़ा, जबकि वो सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करते हैं। हरियाणा के फतेहबाद निवासी एथलीट रोहित ने बताया कि ट्रिपल जंप के लिए खास सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाता है, लेकिन यहां मिट्टी पर ही दौड़कर कूदना पड़ा।
सोनीपत निवासी एथललीट नितिन ने कहा खिलाड़ी मिट्टी पर इवेंट करे या सिंथेटिक ट्रैक पर उसकी प्रतिभा ही साथ देती है। हरियाणा को सर्वाधिक पदक मिलने पर उन्होंने कहा नॉर्थ जोन के लिए मेरठ में संसाधनों की अभी कमी है। सोनीपत के गौरव ने कहा कि संसाधन अच्छे होते तो संख्या 100 पदक के पार पहुंचती। हालांकि यूपी के खिलाड़ी बिना संसाधनों के 60 पदक जीतने में कामयाब रहे। ऐसे में खिलाड़ियों का कहना है उन्हें उचित संसाधन मिले तो पदकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने पहनाए खिलाड़ियों को पदक
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने विजेता एथलीटों को पदक पहनाकर हौसला बढ़ाया। आयुक्त ने पश्चिमी उप्र के केंद्र मेरठ में खेलों की सूरत बदलने का आश्वासन दिया। इस दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर, क्रीड़ा भारती अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता, सचिव मनीष सिंह, जाट महासभा सचिव गजेंद्र सिंह पायल, मूलचंद, उप्र एथलेटिक संघ सचिव पीके श्रीवास्तव, जिला सचिव अनु कुमार, जिला कबड्डी संघ चेयरमैन व जिला शूटिंग बॉल उपाध्यक्ष रजनीश कौशल, विशाल सक्सेना, अमिता सक्सेना, शशी, एथलीट निधि सिंह, कोच गौरव त्यागी, सविता सिंह, अमित तेवतिया ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।