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नोटिस के बाद भी नहीं सुधर रही रोडवेज एमएसटी व्यवस्था

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नोटिस के बाद भी नहीं सुधर रही रोडवेज एमएसटी व्यवस्था
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- यात्रियाें को आवेदन के दो से ढाई महीने बाद ही मिल पा रही है स्मार्ट एमएसटी
- दो-ढाई महीने तक यात्रियों को देना पड़ता है फुल किराया

मेरठ। नोटिस देने के बाद भी रोडवेज की स्मार्ट एमएसटी सेवा नहीं सुधर पा रही है। यात्रियों को आवेदन के दो से ढाई महीने बाद एमएसटी मिल रही है। ऐसे में उन्हें पूरा किराया वहन करना पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी को फटकार के साथ नोटिस भी दिया गया है। अगर एमएसटी मुहैया कराने में समय सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज दैनिक यात्रियों को किराये में फायदा देने के लिए एमएसटी और आपेन ऐंडेड स्मार्ट कार्ड की सुविधा प्रदान करता आया है। यह सुविधा रोडवज आउटसोर्स कंपनी ट्राइमैक्स और आईसीआईसीआई बैंक के जरिये दे रहा है। आवेदन के बाद महीनों तक भी एमएसटी नहीं देने के चलते पिछले साल एजेंसी को हटाए जाने का दबाव आ गया था। यात्रियों की लगातार शिकायतों के विभाग ने इन दोनों एजेंसियों के स्थान पर अन्य एजेंसी नामित करने की तैयारी की थी, लेकिन पहले से काम कर रही दोनों एजेंसियों ने प्रक्रिया में सुधार करने का आश्वासन देकर अपने करार को बढ़वा लिया था। इस सबके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है।
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ये मिलता है एमएसटी और ओपेन एंडेड कार्ड से फायदा
दैनिक यात्रियों के लिए जारी की जाने वाली एमएसटी में 30 दिन की बजाय केवल 18 दिन का ही किराया लिया जाता है। इसके अलावा ओपेन एंडेंड स्मार्ट कार्ड के लिए यात्री 550 रुपये देकर आवेदन करता है। इसमें 50 रुपये प्रोसेसिंग फीस है और 500 रुपये एडवांस किराया है। स्मार्ट कार्ड किफायती है। 500 रुपये एडवांस देने पर इसमें 20 फीसदी टॉपअप दिया जाता है, जिससे यात्री को 600 रुपये किराये का सफर करने का अवसर मिलता है।
400 कार्ड बनते हैं हर महीने
ट्राइमैक्स कंपनी के प्रतिनिधि नितिन कुमार के मुताबिक मेरठ रोडवेज रीजन में हर महीने 400 से ज्यादा स्मार्ट कार्ड और ओपेन एंडेड स्मार्ट कार्ड के आवेदन आते हैं। आवेदन के बाद आईसीआईसीआई से ये कार्ड जारी किए जाते हैं।
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क्या बोले अधिकारी
एमएसटी और ओपन एंडेड स्मार्ट कार्ड के आवेदन तो डिपो स्तर पर लिए जाते हैं लेकिन कार्ड लखनऊ से बनकर आते हैं। कार्ड प्रक्रिया और उन्हें जारी करने में आ रही शिकायतों से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। वहां से कंपनी को नोटिस भी जारी किया गया है। यात्रियों की परेशानी को दूर किया जाएगा।
नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रीजन
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