जिला अस्पताल के सामने गैस अवैध गैस रिफलिंग का मामला
पुलिस अफसर बोले जिला आपूर्ति निरीक्षक, एआरओ, जिला आपूर्ति अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में
बीच शहर में घनी आबादी के बीच चल रहा था अवैध गैस का धंधा
आखिर एक दुकान में कैसे पहुंचे इतने सिलिंडर
मेरठ। आपूर्ति विभाग के इशारे पर शहर में गैस का काला धंधा चल रहा है। कभी भी शहर में कभी भी कोई भी घटना इस गैस के काले धंधे से हो सकती है। आपूर्ति विभाग के जिन अफसरों पर जिम्मेदारी है उन्हीं की भूमिका पर सवाल उठने खड़े हो गए हैं। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। नहीं तो विभाग के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं था। पुलिस अफसर भीड़ को संभालने में जूझते रहे, लेकिन आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना भी उचित नहीं समझा।
बनबटान मोहल्ला में धार्मिक स्थल से सटे इलाके में अंदर गली में कंफेक्शनरी की दुकान की आड़ में अवैध तरीके से गैस रिफलिंग का धंधा चल रहा था। सोमवार दोपहर रिफलिंग के दौरान गैस सिलिंडर में आग लगने से तीन लोग झुलस गये। लपटें उठीं तो लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हो गया। लेकिन गैस सिलिंडरों के फटने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने रूट डायवर्जन करा दिया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पता चला कि यहां करीब 90-100 सिलिंडर रखे हैं तो हड़कंप मच गया। मौके पर एसपी सिटी भी पहुंच गए। मौके से घरेलू और व्यावसायिक दोनों सिलिंडर थे, जिनमें कई लीक हो रहे थे। जिन्हें नाले में फेंका गया। इस घटना के बाद आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की पोल भी खुल गई। इतने गैस सिलिंडर कहां से और कैसे आए इसका जवाब न तो आपूर्ति विभाग के निरीक्षक पर है, न ही उच्च अधिकारियों पर। ऐसे में आपूर्ति निरीक्षक, एआरओ और जिला आपूर्ति अधिकारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह के अनुसार इतने भारी संख्या में गैस सिलिंडर मिलने से साफ हो गया है कि यह आपूर्ति विभाग की बड़ी लापरवाही है। पुलिस ने हंगामा कर रही भीड़ को समझाकर शांत कराया। पुलिस और फायर कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर इन्हें बाहर निकाला। पुलिस मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कर रही है। पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।