रजिस्ट्रार पर हमले के विरोध में धरने पर बैठे कर्मचारी
- कुलपति ने सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शुरू कराया काम
- पुलिस ने कई जगह दी दबिश, आरोपियों पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
चौधरी चरण सिंह विवि के रजिस्ट्रार पर जानलेवा हमले के विरोध में शुक्रवार को कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर धरना दिया। उन्होंने आरोपियाें की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। कई घंटे धरने पर बैठने के बाद कुलपति के आश्वासन पर लंच के बाद कर्मचारियों ने कामकाज शुरू किया। वहीं, आरोपियों के खिलाफ मेडिकल थाने में जानलेवा हमले और हत्या की धमकी देने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सीसीएसयू में कार्यवाहक रजिस्ट्रार वीपी कौशल ने तहरीर में बताया कि बृहस्पतिवार रात वह किसी काम से विवि गेट के बाहर जा रहे थे। उनके साथ विवि की प्रवेश प्रक्रिया का काम देखने वाली कंपनी के डायरेक्टर नितिन द्विवेदी भी थे। गेट के बाहर अमित मलिक नाम के पूर्व छात्र ने उनसे पूछा कि कहां जा रहे हो। इसके कुछ देर बाद मंगलपांडेय नगर स्थित येलो चिली रेस्टोरेंट के बाहर कुछ लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पूरे घटनाक्रम में मेडिकल पुलिस ने अमित मलिक और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
शुक्रवार सुबह विवि खुलने पर सभी कर्मचारी घटना के विरोध में प्रशासनिक भवन पहुंच गए। काम बंद कर उन्होंने धरना दिया। एसओ मेडिकल और सीओ सिविल लाइन भी मौके पर पहुंचे। कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने कहा कि आए दिन युवक उन पर गलत काम करने का दबाव बनाते हैं। बात नहीं मानने पर धमकी दी जाती है। कई बार मारपीट भी हो चुकी है। रजिस्ट्रार से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कर्मचारियों ने हंगामा किया। मौके पर पहुंचे कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कर्मचारियों को समझाया कि काम बंद करने से छात्र-छात्राओं को परेशानी होगी। बाद में कुलपति की सख्ती पर कर्मचारी काम पर लौट गए। वहीं एसओ मेडिकल कैलाश चंद्र ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।