पुलिस टीम पहुंची मुकुट महल, गोपनीय जांच की
मेरठ। मेरठ और फतेहगढ़ पुलिस ने रविवार को होटल मुकुट महल पहुंचकर करीब 55 मिनट तक गोपनीय जांच की। पुलिस ने होटल मालिक मुकेश गुप्ता के घर से पिस्टल और उसका लाइसेंस भी कब्जे में ले लिया। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी के अनुसार शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। पुलिस का कहना है कि होटल के बार में आपराधिक गतिविधियाें को लेकर सोमवार को प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ऐसे में बार के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा गया है।
बद्दो की तलाश में रविवार को भी 10 से अधिक जगहों पर दबिश दी गई। पूछताछ के लिए विभिन्न स्थानों से 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। ब्रह्मपुरी पुलिस और फतेहगढ़ क्राइम ब्रांच ने होटल में क्राइम सीन किया। होटल के कर्मचारियों से पूछताछ की। बद्दो किस समय होटल पहुंचा। उस समय कौन-कौन होटल में कौन थे, कौन सा रूम था। कितने समय वह होटल में रुका। बद्दो के भागने के बाद दरोगा टीपीनगर थाने तक कैसे पहुंचा। किस समय पुलिस को सूचना दी गई। होटल में कितने कर्मचारी मौजूद थे। ऐसे कई सवालों को लेकर जांच-पड़ताल की गई। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी जांच की।
1999 में बना था शस्त्र लाइसेंस
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह ने बताया कि बद्दो को भगाने में होटल मुकुुट मालिक के मालिक मुकेश गुप्ता की भी भूमिका है। 17 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकेश गुप्ता और अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। मुकेश गुप्ता ने वर्ष 1999 में पिस्टल का लाइसेंस बनवाया था। शस्त्र लाइसेंस के निलंबन की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। मुकुट महल होटल में बार की रिपोर्ट सोमवार को भेजी जाएगी।
40 मिनट हुए कैमरे बंद
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बद्दो के सहयोगियों ने ही होटल मुकुट महल के सीसी कैमरे करीब 40 मिनट बंद कराए थे। होटल मालिक के बिना कैमरे बंद नहीं हो सकते। जो नाम और तथ्य प्रकाश में आए हैं, उनकी जांच की जा रही है। -एएन सिंह, एसपी सिटी