48 घंटे बाद देश के पहले रीजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास
- गाजियाबाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शिलान्यास
- मेरठ में नेताजी सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह में होगा कार्यक्रम
मेरठ। कई सालों से चला आ रहा इंतजार 48 घंटे बाद समाप्त होने जा रहा है। देश के पहले रीजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास गाजियाबाद स्थित हिंडन टर्मिनल से होने जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैपिड रेल के साथ अन्य प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण भी करेंगे। गाजियाबाद से मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लाइव दिखाया जाएगा। वहीं, यहां की लाइव कवरेज भी गाजियाबाद में दिखेगी। कार्यक्रम से पहले निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गाजियाबाद पहुंचेंगे।
82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को एक साल पहले शुरू कर दिया गया था। इसके बाद से लगातार नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से तेज गति से कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही थी। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट और प्रदेश सरकार की अनुमति मिलने के बाद शिलान्यास की तिथि तय की गई। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य छह साल तय किया गया है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक 16.5 किमी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
100 उद्यमियों और अध्यापकों को न्यौता
मेरठ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी को जिम्मेदारी सौंपी है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी और जिले के प्रभारी मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह के आने की संभावना है। कार्यक्रम के लिए जिले के 100 उद्यमियों और जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़े 200 शिक्षकों को न्यौता भेजा गया है। इसके अलावा मंगलवार को भी रैपिड रेल अधिकारियों के साथ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने तैयारियों के बारे में बातचीत की।
मेरठ में निर्माण कार्य होगा तेज
शिलांयास के बाद मेरठ में प्रोजेक्ट निर्माण की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। साकेत स्थित रैपिड रेल कार्यालय पर प्रोजेक्ट अधिकारी जुटने शुरू हो गए है। मेरठ में स्टेशनों के निर्माण के लिए एलाइनमेंट बनाना तैयार कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक पहले चरण का निर्माण कार्य खत्म होने में तीन साल लगेंगे।
एक नजर प्रोजेक्ट पर
कुल किलोमीटर - 82
कुल प्रस्तावित समय - 55 मिनट
कुल स्टेशन - 22
एलीवेटेड स्टेशन - 17
अंडरग्राउंड स्टेशन - 5