खरखौदा। डीआईजी के आदेश पर शनिवार को खरखौदा इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी को लाइन हाजिर किया गया। इसका आदेश मिलते ही उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया।
एसटीएफ ने करीब डेढ़ माह पूर्व खरखौदा क्षेत्र में मीट से लदे मिनी ट्रक को पकड़ा था। पशुपालन विभाग की टीम ने प्रथमदृष्टया मीट गाय का होने से इनकार कर दिया था। वहीं, खरखौदा पुलिस ने मामले से पल्ला झाड़ लिया था। वहीं, रात्रि में एसटीएफ के उपनिरीक्षक की ओर से गोकशी का मामला थाना खरखौदा में दर्ज कराया था। ट्रक से पकडे़ दो युवकों को गोकशी में जेल भेज दिया था। इसके बाद पकडे़ गए मीट को नष्ट करा दिया था। वहीं, मथुरा से पहुंची जांच रिपोर्ट में भैंस के मीट की पुष्टि हुई है। उधर, एसटीएफ टीम ने उच्चाधिकारियों को खरखौदा पुलिस को गोकशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की जानकारी दी थी। जिसमें एसटीएफ के अधिकारियों ने लखनऊ स्तर से उन्हें सीबीसीआईडी पूर्वांचल भिजवा दिया है। वहीं, इंस्पेक्टर राजेेंद्र त्यागी का कहना है कि उन्होंने गोकशों के दस एनकाउंटर किए हैं। गोकशी के मामले में अपने खिलाफ जीडी में तस्करा डालकर राजेंद्र त्यागी चर्चा में रहे थे। उन्होंने अपने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।