17 सदस्य कमेटी रोकेगी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम का नया सत्र शुरू हो चुका है। प्रथम वर्ष एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की किसी भी प्रकार की रैगिंग न हो, इसके लिए 17 सदस्य एंटी रैगिंग कमेटी का गठन किया गया है। इसमें चेयरमैन, सह चेयरमैन और सदस्य शामिल हैं।
यह कमेटी समय समय पर छात्रावास और कॉलेज परिसर में भ्रमण करेगी और रैगिंग की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेगी। कमेटी का चेयरमैन प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता को बनाया गया है। पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग, डॉ. आभा गुप्ता और डॉ. कीर्ति दूबे को सह चेयरमैन बनाया गया है। इनके अलावा सदस्यों में डॉ. एमके केशारी, डॉ. ग्यानेश्वर टांक, डॉ. धीरज राज, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. जीएल निगम, डॉ. योगिता सिंह, डॉ. प्रियंका गर्ग, डॉ. प्रदीप कुमार वोहरा, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. लोकेश कुमार सिंह, डॉ. अरुण वर्मा और मेडिकल थाने के स्टेशन ऑफिसर आदि हैं। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि उच्चतम न्यायालय केआदेशानुसार रैगिंग पूर्णतया प्रतिबंधित है और इसे अपराध घोषित किया है। लिहाजा इसे रोकने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि मेडिकल कॉलेज केसभी विभागाध्यक्ष को भेजी गई है।
प्राचार्य आरसी गुप्ता बनाए गए डीन
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता को एकमात्र नियमित प्राचार्य होने के कारण तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक चिकित्सा संकाय का संकायध्यक्ष (डीन) नियुक्त किया गया है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय केकुलसचिव की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। अभी तक सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी पर यह जिम्मेदारी थी। मेडिकल कॉलेज में इससे पहले डॉ. केके गुप्ता के कार्यकाल में डीन की जिम्मेदारी उन पर थी। उनकेमहानिदेशक चिकित्सा शिक्षा बनने के बाद से मेडिकल कॉलेज के किसी प्राचार्य को यह जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। प्राचार्य ने बताया कि उनकेडीन बनने से मेडिकल कॉलेज में होने वाली परीक्षा संबंधी कार्यों केलिए अनुमति लेने के लिए सहारनपुर नहीं जाना पड़ेगा।
जन चेतना समिति ने प्राचार्य को लिखा पत्र
मेरठ। जन चेतना समिति के संरक्षक सतीश चंद त्यागी ने प्राचार्य को पत्र लिखा है, जिसमें लंबे समय से बंद पड़े पुराने प्राइवेट वार्डों को सुचारू करने की मांग की गई है। रेडियोथेरेपी की मशीन पिछले तीन साल से खराब पड़ी है, उसे ठीक कराने, सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए पीली पट्टी के मैटल के अवरोधक विश्वविद्यालय के गेट के सामने लगाने और नया पर्चा काउंटर जल्द शुरू कराने की मांग की गई है।