मेरठ। पीवीवीएनएल अधिकारी जहां राजस्व लक्ष्य पूरा करने में मास रेड (छापेमारी) अभियान में जुटे हैं, वहीं बिजली लोगों को झटके देने में लगी है। लो वोल्टेज और बिजली कटौती ने लोगों को गर्मी में हलकान कर दिया है। रविवार को भी जमकर बिजली कटौती हुई।
पीवीवीएनएल ने इन दिनों सर्वाधिक बिजली चोरी वाले इलाकों में मास रेड अभियान चला रखा है। इसके दौरान टीम इलाकों में जाकर उपभोक्ताओं के डोर टू डोर कनेक्शन चेक कर रही है। जिन कनेक्शनों में अनियमितता और बिजली चोरी मिल रही है उनके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मासरेड अभियान में कंपनी का लक्ष्य बिजली चोरी रोककर राजस्व लक्ष्य को पूरा करना है। वहीं बढ़ती गर्मी से बिजली की मांग में भारी इजाफा हो गया है जो पीक आवर में 30 फीसदी अधिक का ग्राफ पार कर रहा है।
ऐसे में सिस्टम पर पर अतिरिक्त लोड से लोगों को जहां लो वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं फाल्ट होने से घंटो बिजली गुल होने का दंश झेलना पड़ रहा है। शनिवार की तरह रविवार को भी शहर के एक दर्जन से ज्यादा बिजलीघर शारदा रोड, टाउन हाल, बेगमुपल, लेडीज पार्क, एमईएस, पल्लवपुरम फेस वन, गंगानगर, कंकरखेड़ा, हापुड़ रोड, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, नौचंदी, पुराना आरटीओ, मेडिकल आदि क्षेत्र में आपूर्ति बाधित रही। कहीं लाइन में फाल्ट हुआ तो कहीं बिजलीघर पर। घंटो बिजली नहीं मिलने से लोगों के इनवर्टर तक ठप हो गए। पीने का पानी भी नहीं मिल सका।
अधीक्षण अभियंता शहर संजीव राणा ने बताया कि गर्मी में बिजली की डिमांड में आम दिनों के मुकाबले बढ़ोतरी हो जाती है। हालांकि सिस्टम पर 20 फीसदी अधिक मांग सहने की क्षमता है। इससे ज्यादा लोड होने से ही लो वोल्टेज और फाल्ट होने की समस्या होती है। कहीं भी जानबूझकर बिजली नहीं काटी जा रही है। जहां भी फाल्ट की सूचना मिलती है उसे तुरंत अटैंड कराया जाता है।