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एसआईटी ने माना मेरठ में डाला जा रहा था राशन पर डाका

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मेरठ। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर गठित की गई एसआईटी की जांच में मेरठ के 7.50 लाख राशन कार्डों में 58 फीसदी राशन कार्ड फर्जी मिले हैं। इन राशन कार्डों पर जिला आपूर्ति विभाग और राशन डीलर लोगों के राशन पर डाका डाल रहे थे। मामले में तत्कालीन डीसीओ और सप्लाई इंस्पेक्टर समेत 80 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है। लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर शासन ने एसआईटी का गठन किया था। तीन महीने तक डेरा डालकर एसआईटी ने पूरे मामले की जांच की थी।
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टीम ने सभी राशन कार्डों की जांच के साथ ही खाद्य आपूर्ति अभिलेखों को देखा था। इसके साथ ही फर्जी कार्ड धारकों को भी सत्यापित करने के लिए इलाकों में भ्रमण किया था। इसके अलावा डीलरों के बारे में फीडबैक आदि लिया गया था। पूरे मामले की जांच एक पखवाड़ा पूर्व ही खत्म हुई थी। वाजपेयी का कहना था कि जिला आपूर्ति विभाग फर्जी कार्डों के आधार पर करोड़ों रुपये का राशन खा रहा है। पात्र लोगों को राशन न मिलकर डीलरों और अधिकारियों की जेबें भरी जा रही हैं। बृहस्पतिवार को एसआईटी की जांच में 58 फीसदी राशन कार्ड फर्जी होने का खुलासा होने पर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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