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बड़े केस की विवेचना सौंपने पर उठे सवाल

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बड़े केस की विवेचना सौंपने पर उठे सवाल
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मेरठ। एमबीबीएस की कॉपियां बदलने के मुकदमे की विवेचना सौंपने पर सवाल उठ गए हैं। एसटीएफ द्वारा इस गोरखधंधे का खुलासा करने के बाद जहां लखनऊ और दिल्ली तक हड़कंप मचा है, वहीं केस दर्ज होने के तीसरे दिन विवेचना अनुभवी अधिकारी के बजाय हाल ही में प्रमोट हुए इंस्पेक्टर को सौंप दी गई।
मेेडिकल थाने में एसटीएफ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव की तरफ से कपिल कुमार, संदीप, कविराज, पवन, सीपी सिंह, सलेखचंद और संदीप निवासी अंबला के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। गिरफ्तार आरोपी बिजनौर निवासी छात्रनेता कविराज ने बताया था कि साल 2014 से 600 से अधिक एमबीबीएस छात्रों की कॉपी बदली गई। इस केस में एसटीएफ द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है। जबकि थाना पुलिस अपने स्तर से विवेचना करेगी।
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एसओ मेडिकल सतीश कुमार इस समय अवकाश पर हैं और थाने का चार्ज कार्यवाहक एसओ राजवीर सिंह पर है। पुलिस अफसरों ने बताया कि एसटीएफ द्वारा दर्ज कराए गये मुकदमे की विवेचना मेडिकल थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार को सौंपी गई है। अफसरों के अनुसार प्रदीप 2007 बैच के दरोगा थे, जिनका दस दिन पहले ही इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन हुआ है।
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