भारतीय सेना मजबूत, किसी से नहीं घबराए
मेरठ।
युद्ध कभी हथियारों से नहीं बल्कि दिमागी समझ से जीते जाते हैं। चाइना, पाकिस्तान बेशक हथियारों के मामले में भारतीय सेना से मजबूत हों मगर वे भारतीय सेना से जीत नहीं सकते। दोकलम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। हमारी सेना मजबूत है, हमारे देश की जनता को किसी से घबराने की जरूरत नहीं। यह बात मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग में आयोजित सेमिनार में रक्षा अध्ययन विभाग से पीएचडी कर रहे सेना के मास्टर जनरल ऑर्डिनेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामाराव निंभोरकर ने कही। कॉलेज में आयोजित सेमिनार का विषय भारत पाकिस्तान संबंध अतीत वर्तमान व भविष्य था।
आईसीएसएसआर व यूजीसी की ओर से आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि इलाहाबाद राज्य विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद, गेस्ट ऑफ ऑनर सेना के मास्टर जनरल ऑर्डिनेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामाराव निम्भोरकर एवं जेएनयू की प्रोफेसर सविता पांडे ने किया। कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान हर सैन्य मोर्चे पर विफल हुआ। पाक को इतिहास से सबक लेना था। पाक की हरकतों को हमें अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उजागर करना होगा। पाकिस्तान को व्यापार के लिए एमएफएन श्रेणी में रखना गलत है। कश्मीर में सुशासन पर ध्यान देना होगा। जेएनयू की प्रोफेसर डॉ. सविता पांडे ने कहा भारत-पाक के बीच विवाद के मुख्य मुद्दे कश्मीर, नाभिकीय हथियार, सियाचीन विवाद हैं। दोनों में छद्म युद्ध छिड़ा है। कारगिल वार, 26/11 हमला इसका उदाहरण हैं। पूरा भारत अब आतंक का लक्ष्य बन चुका है। सर्जिकल स्ट्राइक इसका जवाब है। भारत को ऐसे जवाब देते रहना होगा। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बी कुमार व मैनेजिंग समिति अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।
मेरठ कॉलेज को मिलेगा विजयंत टैंक
सेना के मास्टर जनरल ऑर्डिनेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामाराव निम्भोरकर ने मेरठ कॉलेज के डिफेंस स्टडीज विभाग को विजयंत टैंक देना फाइनल किया। 1971 क ी जंग में इस्तेमाल हुआ यह विजयंत टैंक 45 टन का है। जो इस वक्त दिल्ली में ऑर्डिनेंस हेडक्वार्टर में रखा है। यह टैंक अब डिफेंस स्टडीज विभाग की शोभा बढ़ाएगा। टैंक को स्थापित करने के लिए विभाग में रैंप बनाया जा रहा है। दिल्ली से यह टैंक 510 आर्मी बेस वर्कशाप में आएगा, इसके बाद विभाग को सौंपा जाएगा। निम्भोरकर ने कहा कि वे जब भी मेरठ कॉलेज अपनी पीएचडी के संबंध में आएंगे विभाग को कुछ देने की कोशिश करेंगे।
हर परिस्थिति से लड़ने को तैयार भारतीय सेना
लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निम्भोरकर ने कहा कि पाकिस्तान में उदारवादी इसम धर्म हैं। कुछ कट्टरपंथियों ने इसे कब्जा लिया है। फ ौजशाही, तानाशाही हावी है। चाइना को पाकिस्तान सपोर्ट कर रहा है, लेकिन हमें इससे घबराने की जरूरत नहीं। हर परिस्थिति से लड़ने को तैयार है भारतीय सेना। हथियारों की संख्या से नहीं सेना के मनोबल से लड़ाई लड़ी जाती है।
सर्जिकल स्ट्राइक पर उठे सवालों ने दुखाया दिल
सेना के मास्टर जनरल ऑर्डिनेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामाराव निम्भोरकर सर्जिकल स्ट्राइक टीम के मुख्य कमांडर थे। दो कमांडर में से एक कमांडर राजेंद्र रामाराव निम्भोरकर थे। 20 साल जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे। सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त जम्मू कश्मीर में कमांडर पद पर तैनात थे। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि हमारी सेना को सबसे ज्यादा दुख जनता के उस निगेटिव फीडबैक से हुआ जब उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की सच्चाई पर सवाल खड़े किए। हमारे जवान देश, जनता की सुरक्षा को हर पल समर्पित हैं। जनता को सेना पर 100 फीसद भरोसा करना होगा। हम देश का भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे। सेना को पहली बार फ्रीडम ऑफ स्पीच का हक मिला है। विदेश नीति, रक्षा नीति को भी इसने मजबूत किया है। राजेंद्र रामाराव निम्भोरकर मूलत: महाराष्ट्र के हैं। उन्हें वीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएसम, वाईयूएसएम (उत्तम युद्ध सेना मेडल) भी मिला है।
पुस्तकों का भी हुआ विमोचन
डॉ. संजय कु मार की पुस्तक भारत की आंतरिक सुरक्षा का विस्तार, पुस्तक इंडियाज मेजर मिलिट्री एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, सिन्यूज ऑफ इंडियाज इंटरनेशनल सिक्योरिटी इन 21फर्स्ट सेंचुरी पुस्तक का विमोचन हुआ। संयोजन डॉ. संजय कुमार का रहा। इस अवसर पर डॉ. हरिशंकर राय, आयोजन सचिव डॉ. नीलम कुमारी, एचओडी डॉ. हेमंत कुमार पांडे, मनीष राज सिंह, डॉ. केएन शुक्ला, डॉ. जसकरन सिंह, पंजाब विवि, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू कश्मीर व छत्तीसगढ़ से आए छात्रों ने भाग लिया।