मेरठ। भावनपुर क्षेत्र के शोभा हत्याकांड में आत्मसमर्पण करने आए दो आरोपियों पर सोमवार को पीड़ित पक्ष के लोगों ने कचहरी में हमला बोल दिया। इस दौरान भावनपुर पुलिस के साथ ही सिविल लाइन पुलिस भी गायब रही। बाद में किसी तरह कोर्ट पहुंचे आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट इमरान कमर की अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना भावनपुर में 15 फरवरी को वादी मदन लाल ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उसकी नाबालिग बेटी शोभा का 14 फरवरी को अपहरण कर लिया गया, जिसकी हत्या की आशंका जताई गई। 22 फरवरी को शोभा का शव गंगानगर की गंगासागर कॉलोनी के खंडहर पड़े मकान से बरामद हुआ था। इस मामले में देवेंद्र, दीपक, धर्मपाल और उर्मिला को नामजद किया गया था। आरोपी दीपक पुत्र धर्मपाल निवासी अब्दुल्लापुर व देवेंद्र ने स्पेशल जज की अदालत में अपने अधिवक्ता राजू सिंह एडवोकेट के माध्यम से सरेंडर अर्जी दाखिल की थी। जिस पर अदालत में वांछित की रिपोर्ट पहुंची थी।
हत्यारोपी देवेंद्र और दीपक जब आत्मसमर्पण करने कचहरी पहुंचे थे तो वहां पहले से मौजूद पीड़ित पक्ष के लोग दोनों आरोपियों पर टूट पड़े। दोनों आरोपी भागकर अदालत में घुस गए। जहां पर वकीलों ने थाना सिविल की कचहरी चौकी पुलिस को फोन किया। लेकिन काफी देर तक जब पुलिस नहीं पहुंची तो वकीलों ने दोनों आरोपियाें को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट अदालत तक पहुंचाया। इसको लेकर कचहरी में काफी देर तक हंगामा होता रहा। सरेंडर के बाद सिविल लाइन पुलिस आरोपियों को हवालात लेकर पहुंची।
खास बातें:
आत्मसमर्पण करने आए थे, पीड़ित पक्ष के लोगों ने कचहरी में घेरा
सूचना पर भी नहीं पहुंची कचहरी चौकी पुलिस, आरोपियों ने किया सरेंडर