- पीवीवीएनएल में तबादला नीति के अंतर्गत 267 मठाधीश कर्मचारियों को किया गया है तबादला
- तबादले के डेढ़ महीने बाद भी बाबुओं ने नहीं छोड़ी सीट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पीवीवीएनएल में तबादले के डेढ़ माह बाद भी मठाधीश बाबू कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। कर्मचारी संगठन भी इन्हें बचाने के लिए धरना देकर प्रबंधन पर दबाव बनाने में लगे हैं। बुधवार को विद्युत मजदूर पंचायत ने ऊर्जा भवन पर धरना देकर एमडी के नाम मांग ज्ञापन सौंपा।
पीवीवीएनएल में मठाधीश बाबू 15 से 30 साल से एक ही डिविजन और पटल पर जमे हैं। शासन की तबादला नीति के तहत पहली बार एमडी अभिषेक प्रकाश ने नीति का पालन करते हुए गत 1 अगस्त को कंपनी के 267 मठाधीश बाबुओं के तबादले किए थे। लंबे समय से एक ही जगह बैठकर मलाई खाने वाले बाबुओं ने तबादला रुकवाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रखा है। बात बनती न देख अब कर्मचारियों ने संगठनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बुधवार को विद्युत मजदूर पंचायत के बैनर तले सैकड़ों बाबू विक्टोरिया पार्क स्थित सिविल आफिस के सामने धरने पर बैठे। नेताओं ने प्रबंधन पर तबादले की आड़ में कर्मचारियों का उत्पीड़न करने के आरोप लगाए। नेताओं का कहना है कि तबादले की जद में आने वाले काफी कर्मचारियों को बख्श दिया गया है। तबादलों पर तुरंत रोक लगाकर कर्मचारियों को न्याय दिया जाए। शाम को सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए ऊर्जा भवन पहुंचे। यहां संगठन ने एमडी के नाम तबादला रोकने का मांग ज्ञापन सौंपा। दिलमणी प्रसाद थपलियाल, महावीर सिंह, नरेश शर्मा, दीपचंद चौहान, विवेक सक्सेना, अरुण शर्मा, अमित वर्मा, गौरव अग्रवाल, विमल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।