दो रंग में दिखी स्त्री की कहानी
मेरठ। मुक्ताकाश नाट्य संस्थान की ओर से रविवार को शिक्षक दिवस मनाया गया। नाटक दो रंग का मंचन भी किया गया। नाटक में स्त्री की कहानी का मंचन हुआ। मुक्ताकाश नाट्य संस्थान में ट्रेजर आर्ट एसोसिएशन दिल्ली द्वारा नाटक का मंचन हुआ। निर्देशिक ा साजिद रही।
साजिद ने गुरु सुरेंद्र कौशिक को नाटक के माध्यम से सम्मान दिया। दो रंग में दो नाटक एंटून चेखव कृत शिकारी व सआदत हसन मंटो कृत तीन खामोश औरतों का मंचन हुआ। नाटक शिकारी मेें पीटर नामक युवक दूसराें की बीवियों को पढ़ाने में माहिर होता है। पीटर और महिलाओं के बीच हुए संवाद को शाहनवाज कस्सार, मिक्की, सुदीप्तो बैनर्जी, ऐरीना, जसप्रीत ने अच्छे तरीके से मंचित किया। दूसरे नाटक तीन खामोश औरतों में तीन महिलाओं की कहानी को मंचित किया गया। साजिदा, माधवी शर्मा, शमशाद, महमूदा, अमन, सैद सिद्धकी, शाहनवाज इस्सार, मैसनम, संदीप आदि ने भूमिका निभाई। संचालन विचित्रा कौशिक ने किया। इस अवसर पर आकाशदीप, माधवी, उपकरण सैद सिद्दकी, डॉ. इंदु, सरिता रानी मुद्गल, द्धिषा, रौनित विल्सन, मोहित कुमार, रहनुमा अंसारी व संगीता पाल का सहयोग रहा।