मेरठ। तप वाला मार्ग स्वर्ग और मोक्ष देने वाला साधना का मार्ग ही श्रेष्ठ होता है। तप हमारे लिए आवश्यक है। स्वर्ण अग्नि में तपकर ही शुद्ध होता है। यह प्रवचन शुक्रवार को विधानाचार्य अभिषेक शास्त्री ने श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर आनंदपुरी में दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म में दिए।
कार्यक्रम के दौरान श्री जी का अभिषेक किया गया। इसका सौभाग्य अचल जैन और गौरव जैन को मिला। सुनील जैन प्रवक्ता, वीर सैन जैन, सुधीर जैन, प्रदीप जैन, जिनेंद्र जैन, विनय जैन, अतुल जैन आदि मौजूद रहे। इसके अलावा शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असौड़ा हाउस में श्री जी का अभिषेक करने का सौभाग्य हेमचंद, राजीव, गौरव, दिनेश को मिला। पं ऋषभ शास्त्री ने कहा कि संयम आत्म उत्थान का प्रथम चरण है। लोभ, मान, क्रोध, मोह का त्याग और सत्य की प्राप्ति के बाद सत्य की सुरक्षा भी अपरिहार्य है। सत्य को पाना ही पर्याप्त नहीं है उसकी सुरक्षा भी आवश्यक है। सत्य वह हीरा है जिसे संयम की तिजोरी में ही सुरक्षित रखा जा सकता है। संयम की महिमा जगत में वही जानता है जिसने संयम को जीवन में व्यावहारिक रूप से अपनाया है। बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता हुई और धार्मिक तंबोला कराया गया। सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संरक्षक श्रेयांस जैन, राजेंद्र जैन, पूनम जैन, दीपा जैन, आस्था जैन, मनोज जैन सौम्या जैन, शिल्पी जैन, तान्या जैन सुभाष जैन, विपिन, संजय, राकेश आदि। इसके अलावा श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ पंचायती मंदिर शास्त्रीनगर सेक्टर दो में पर्यूषण पर्व मनाया गया। इसमें उत्तम तप दिवस पर आरती उतारी गई। पं. अर्पित शास्त्री ने उत्तम तप पर प्रवचन किया गया। दिनेश जैन, राकेश जैन, मनीष जैन, रमेश चंद जैन, सुखबीर सिंह जैन, सपना जैन, मान जैन, उत्कर्ष जैन, राजीव जैन आदि रहे।