मेरठ। एमडीए अब जो भी नई आवासीय योजनाएं लांच करेंगा या पुरानी योजनाओं में नए आवंटन होंगे, उनमें ब्याज दरें घटा दी गयी हैं। मंगलवार को एमडीए सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। कई विषयों को जहां बैठक में स्वीकृति दी गयी, तो कुछ पर सदस्यों के विरोध के कारण गतिरोध कायम रहा।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले आवासीय योजनाओं की ब्याज दरें घटायी गयी। लेकिन साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि ये कम ब्याज दरें बकायेदारों पर नहीं बल्कि नए आवंटन पर लागू होंगी। कम की गयी ब्याज दरों में दुर्बल आय वर्ग के लिए 10 प्रतिशत से 9.50 प्रतिशत, अल्प आय वर्ग के लिए 11 प्रतिशत से 10.50 प्रतिशत, मध्यम और उच्च वर्ग आय के लिए 12 प्रतिशत से घटाकर 10.50 प्रतिशत ब्याज दर की गयी हैं।
नहीं बढ़ेंगे अभी संपत्तियों के दाम
दौलतपुर फरुखाबाद में 2.20 हेक्टेयर जमीन पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज की जमीन तथा बटजेवरा में बने कोल्ड स्टोर की जमीन के भी भूउपयोग परिवर्तन को स्वीकृति प्रदान की गयी। बैठक में निर्णय लिया गया कि एमडीए संपत्तियों के दाम अभी नहीं बढ़ेंगे। वहीं, हिंडन पुनर्जीवन कोष के लिए अवस्थापना निधि से एक करोड़ देने का निर्णय बैठक में पास हुआ। गंगानगर किसान संघर्ष समिति के हरविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने जो प्रतिकर के रूप में प्राप्त होने वाले रुपये से एक रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रशासन के राहत कोष में देने की घोषणा की थी, वह धनराशि हिंडन पुनर्जीवन कोष में दी जाये। बैठक में डीएम समीर वर्मा, एमडीए वीसी सीताराम यादव, सचिव राजकुमार, तहसीलदार कर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
पुराने शहर में बना गतिरोध
मंडलायुक्त ने जब पुराने शहर के लाला का बाजार आदि स्थानों पर अवैध निर्माण चिह्नित करने की बात कही तो सदस्य विजय आनंद अग्रवाल ने विरोध दर्ज कराया। कहा कि पुराने शहर और नये शहर के नियम एक जैसे नहीं हो सकते हैं। पुराने शहर का अवैध निर्माण चिह्नित करने का पैमाना अलग तय होना चाहिए, क्योंकि यहां के निर्माण तब के हैं, जब एमडीए स्थापित भी नहीं हुआ था और आज उसी जमीन पर लोग अपने पुराने मकानों का पुनर्निमाण कर रहे हैं। निर्णय हुआ कि इस मामले में एमडीए के नगर नियोजक और एक प्रशासनिक अधिकारी सर्वे रिपोर्ट तैयार करेंगे।
प्रकरण लंबित करना ठीक नहीं
गंगानगर एक्सटेंशन, वेदव्यासपुरी और लोहियानगर के किसानों के प्रतिकर मामले पर बैठक में कहा गया कि ऐसे ही बुलंदशहर के एक मामले पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जब तक उसका फैसला नहीं हो जाता, इस पर निर्णय नहीं होगा। जिस पर राजेंद्र घाट और विजय आनंद अग्रवाल ने विरोध दर्ज जताते हुए कहा कि दूसरे जनपद के मामले पर यहां के प्रकरण को लंबित करना ठीक नहीं है। लेकिन बैठक में इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
खास बात
- बोर्ड बैठक में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में लिया गया फैसला
- दो निर्माण के भूउपयोग परिवर्तन को भी दी हरी झंडी
- पुराने शहर में अवैध निर्माण चिह्नित करने पर गतिरोध, कमेटी बनेगी