जमीन जिला पंचायत की, कमाई कर रहे दूसरे
जिला पंचायत ने 96.538 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा करने की रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी प्रशासन को सौंपी
मेरठ।
एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक में निर्देश प्राप्त होने के बाद जिला पंचायत ने अपनी संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे की सूची अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दे दी है। इस सूची में कब्जेदारों के नाम के साथ ही उनकी वर्तमान स्थिति को बताया गया है। जिला पंचायत की जमीन पर सिर्फ मवाना तहसील क्षेत्र में ही 96.538 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा है।
जमीन पर निर्माण कराकर किराए पर उठाई
जिला पंचायत की कासमपुर माछरा में मिडिल स्कूल भवन और कृषि भूमि है। जिसका कुल क्षेत्रफल 2.074 हेक्टेयर है। स्कूल भवन और कृषि भूमि पर किसान डिग्री कॉलेज माछरा के सचिव अशोक कुमार त्यागी का कब्जा बताया है। अशोक त्यागी ने इस जमीन पर निर्माण कराकर पंजाब नेशनल बैंक, नंगलामल शुगर मिल का ऑफिस और बीएसएनएल का टॉवर लगवा दिया है। जिसका किरायानामा कर वह किराया ले रहे हैं, जबकि कृषि भूमि भी उन्हीं के कब्जे में है। जिला पंचायत द्वारा इस मामले में बैंक, बीएसएनएल, शुगर मिल को खाली कर किराया नामा करने हेतु नोटिस जारी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक जिला पंचायत को कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है। इसके लिए जिलाधिकारी को भी पूर्व में पत्र जिला पंचायत दे चुकी है, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने कब्जा रखी है कृषि भूमि
जिला पंचायत की मखदूमपुर में जिला पंचायत की 94.259 हेक्टेयर जमीन है। इस जमीन पर गांव के 41 लोगों ने कब्जा किया हुआ है। इन लोगों को पिछले तीन साल में कृषि से प्राप्त आय की रिकवरी के लिए जहां जिला पंचायत ने आरसी जारी की, वहीं कब्जा लेने के उद्देश्य से यह जमीन दौराला के गांव देदवा निवासी रितु कुमार पुत्र शेर सिंह को ठेके पर भी दी। लेकिन ग्रामीणों ने कब्जा नहीं छोड़ा।
नगर पालिका मवाना ने ही कब्जा ली जमीन
जिला पंचायत की .205 हेक्टेयर जमीन जो कि करीब 2050 वर्ग गज बैठती है, तहसील रोड पर है। इस जमीन पर मवाना नगर पालिका परिषद ने अनाधिकृत कब्जा किया हुआ है। जिला पंचायत सूत्रों के अनुसार इस जमीन की कीमत सर्किल रेट से ही जहां करीब 2.50 करोड़ बनती है, वहीं बाजार मूल्य से यह जमीन पांच करोड़ के आसपास है।
नौचंदी मैदान के पास 200 वर्ग गज जमीन पर वाद
जिला पंचायत का नौचंदी रोड पर अपनी दुकानों के पास ही 200 गज का प्लाट है। इस प्लाट को चित्रकूट निवासी एक महिला ने कब्जाया हुआ है। जिसका वाद 2009 से एसीएम द्वितीय के यहां चल रहा है।