मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर रविवार को उस समय असमंजस में पड़ गए। जब 31 साल बाद मवाना का एक व्यक्ति अपना कार्ड लेकर खून मांगने के लिए पहुंचा। कार्ड दिखाने के बाद भी उसे निराश लौटना पड़ा। खास बात यह थी कि पीड़ित ने तीन दशक तक अपने घर में रक्तदान का कार्ड भी संभालकर रखा था।
छोटा मवाना निवासी सुनील कुमार त्यागी ने 14 अक्टूबर 1985 को मेडिकल कॉलेज में रक्तदान किया था। जिसके बाद उसे कभी ब्लड की जरूरत नहीं पड़ी। अब एक रिश्तेदार की हालत बिगड़ी तो रविवार को सुनील अपना 1985 का मेडिकल कॉलेज का रक्तदान का कार्ड लेकर ब्लड लेने पहुंचा।
ब्लड बैंक के प्रभारी और मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. सचिन कुमार ने जैसे ही कार्ड देखा तो हैरान रह गए। जिस पर सुनील ने कहा कि पहचान कर लें, यह कार्ड मेरा है। चाहे अपने रजिस्टर में कार्ड का मिलान करा लें। डॉक्टर सोच में पड़ गए कि 31 साल पुराना रजिस्टर कहां से लाएं। कार्ड में ब्लड ग्रुप, क्रम संख्या, हस्ताक्षर, फोटो और तारीख भी लिखी थी। डॉ. सचिन ने कह दिया कि 1985 में तो मैं पैदा भी नहीं हुआ था। डॉ. सचिन ने बताया कि सुनील ने अपना कार्ड दिखाया था। लेकिन इतना पुराना रिकॉर्ड नहीं था। बाद में सुनील निराश होकर खुद ही लौट गया।