गरीबों का हक मारने वाले तीन सौ से ज्यादा रईस उनके हिस्से की पेंशन ले उड़े। ये ऐसे लोग थे जो सुविधा संपन्न थे और इस योजना के लिए पात्र नहीं थे। एक साल की पेंशन उन्हें अवमुक्त कर दी गई, जिसे रोकने के लिए बैंकों को भी पत्र लिखे गए, लेकिन बैंकों ने जवाब नहीं दिया। अब समाजवादी पेंशन योजना पर योगी सरकार ने ब्रेक लग दिया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ फिर से बैंकों को पत्र जारी कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
गरीब लोगों को पेंशन देने के लिए पिछली सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना शुरू की थी। इस योजना में शुरुआत से ही सवाल खडे़ होने शुरू हो गए थे। हालांकि काफी लोगों को इसका लाभ भी मिला। योजना की तमाम शर्तें थी। मसलन आवेदक अल्प आय हो। आश्रयहीन होना चाहिए। उसके नाम कार, ट्रैक्टर, मकान, दुकान आदि नहीं होना चाहिए। वृद्धा एवं विधवा महिलाओं को पेंशन योजना में तरजीह दी गई थी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी यह पेंशन दी गई।
साल भर की पेंशन में हुआ घपला
वर्तमान में 67,502 लोगों को यह पेंशन दी जा रही थी। पिछले साल तक लगभग 57 हजार लोगों को पेंशन वितरण हो रहा था। इस योजना में 500 रुपये प्रतिमाह पात्र को दिए जाते हैं। दरअसल तीन माह की पेंशन एक साथ जारी होती है। कई बार एक साल की पेंशन आती है तो गरीब व्यक्ति को एक साथ छह हजार रुपये मिलने से काफी राहत मिलती है। यही कारण है कि इस योजना के आवेदकों की संख्या भी बढ़ती चली गई और दो लाख से ज्यादा लोगों ने इसके लिए आवेदन कर डाले थे।
रईस भी बन गए गरीब
मात्र पांच सौ रुपये प्रतिमाह की इस योजना के लिए ऐसे कई लोगों ने गरीबों के हक पर झपट्टा मार दिया जो सुविधा संपन्न थे। यहां तक कि उनके पास अपने आवास थे। कृषि भूमि वाले भी थे। ट्रैक्टर वाले थे। कार स्वामियों तक ने इसमें आवेदन किया और पेंशन पर दावा ठोक दिया। ऐसे तीन सौ से ज्यादा आवेदकों को शासन से पेंशन भी जारी हो गई।
जांच में हो गया खुलासा
पिछले साल के पेंशन भोगियों की जांच में यह खुलासा हो गया। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने बैंकों को पत्र जारी किए कि ऐसे खाताधारकों को रकम न दी जाए। इस बाबत बैंकों ने कोई जवाब अभी नहीं भेजा जबकि रिमाइंडर भी जारी किया जा चुका है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि बैंकों ने इस रकम का वितरण कर डाला और अब जवाब नहीं दे रहे हैं।
पेंशन पर ब्रेक, अब होगी वसूली
योगी सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना पर ब्रेक लगा दिया है। माना जा रहा है कि इस योजना की पहले जांच होगी और और इसका स्वरूप बदला जाएगा। इस पर ब्रेक लगने और जांच की आहट से विभाग सक्रिय हो गए हैं। तैयारी है कि फर्जी ढंग से पेंशन लेने वालों को ढूंढकर वसूली की जाए। इस बाबत फिर बैंकों के खाते तलाशे जाएंगे।