सुनील कैथवास....रामलीला ग्राउंड दिल्ली रोड में आयोजित रावण दहन देखने के लिए दर्शकों को कीचड़ और
मेरठ। बृहस्पतिवार शाम को मात्र 30 मिनट की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। बच्चा पार्क स्थित जिमखाना, दिल्ली रोड पर रामलीला मैदान व भैसाली ग्राउंड सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। दशहरा उत्सव और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए हंगामा किया।
विजय दशमी के अवसर पर बृहस्पतिवार शाम 5:00 से 5:30 बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया। विशेष रूप से जिमखाना मैदान, रामलीला मैदान व भैसाली मैदान में एक-एक फीट पानी भर गया। इससे न केवल रावण दहन का कार्यक्रम प्रभावित हुआ, बल्कि दशहरे के मेले में खलल पड़ा। मैदानों के अलावा, सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही और पानी की धीमी निकासी के कारण नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
नालों की सफाई पर सवाल, करोड़ों के खर्च का दावा खोखला
पार्षदों ने इस जलभराव के लिए नगर निगम की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नालों की सफाई ठीक से नहीं की गई है, जिसके कारण वे ओवरफ्लो हो रहे हैं। पानी की निकासी में घंटों लग रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि निगम ने अपने कर्मचारियों के साथ-साथ ठेके पर भी नाला सफाई कराई थी। स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने बताया कि जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिमखाना, रामलीला और भैसाली ग्राउंड में पानी की निकासी के लिए पंप लगाए गए थे। उनका कहना है कि इन पंपों के माध्यम से जल निकासी का प्रयास किया गया। हालांकि, बारिश की तीव्रता और जलभराव की व्यापकता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि उपाय पर्याप्त साबित नहीं हुए।
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