डिप्टी सीएम से पहचान होना बताकर सचिवालय में नौकरी लगवाने वाला गिरोह पश्चिमी यूपी में सक्रिय हो चुका है। यह गिरोह वर्ष 2018 से अब तक 300 युवाओं से करीब 30 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। युवाओं का आरोप है कि वह जिस जनपद में भी मुकदमा दर्ज कराने जाते हैं तो पुलिसकर्मी उल्टे उन्हें धमकाकर भगा देते हैं। ठगी के शिकार युवाओं ने शुक्रवार को एडीजी राजीव सभरवाल को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
ठगी के शिकार हुए युवाओं के अनुसार इस गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश सरकार लिखकर गाड़ियों में घूमते हैं। वह सचिवालय में क्लर्क बनवाने के नाम पर 10 लाख और समीक्षा अधिकारी बनवाने के नाम पर 20 लाख रुपये लेते रहे हैं। एडीजी से की गई शिकायत में बताया गया कि वेस्ट यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, हापुड व मेरठ के करीब 300 युवाओं से 30 करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है। यही नहीं इन लोगों ने उन्हें फर्जी कॉल लेटर देकर गांधी बाग लखनऊ में एक महीने का प्रशिक्षण भी दिलाया है। इनके खिलाफ अलग-अलग कई थानों में मुकदमों भी दर्ज हैं।
यह भी पढ़ें: मेरठ: मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोने लगे पीड़ित पिता, बोले- बेरहमी से की गई बेटे की हत्या, भावुक हुए लोग
आरोप है कि वह लोग जब किसी थाने में ठगी करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जाते है तो पुलिसकर्मी उनके साथ अभद्र व्यवहार करते है और डरा-धमकाकर थाने से भगा देते हैं। पीड़ित युवाओं ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर व रासुका में कार्रवाई कराने की मांग की है। एडजी राजीव सभरवाल ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
यह भी पढ़ें: गजब हाल: पुलिस चौकी पर 80 हजार लोगों की जिम्मेदारी, पर आठ साल से दर्ज नहीं हुई FIR, चौंका देगी ये रिपोर्ट