मेरठ। मेरठ कॉलेज में लगातार तीन साल से फर्जी मार्कशीट लगाकर प्रवेश लेने के मामले सामने आ रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने पिछले साल 70 प्रवेश निरस्त किए थे, लेकिन दलालों का रैकेट अब भी सक्रिय है। इस बार भी 30 के करीब प्रवेश संदेह के घेरे में हैं। इनके कागजातों की जांच कराई जा रही है।
मेरठ कॉलेज में सत्र-2017 में बीए, बीकॉम, बीएससी और एलएलबी में फर्जी मार्कशीट और प्रमाण पत्रों से 500 से ज्यादा प्रवेश लेने की जानकारी सामने आई थी। इस मामले को दबा दिया गया था। पिछली बार भी कॉलेज प्रशासन को सूचना मिली कि दलालों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ये दलाल रुपये लेकर कम नंबर वाले छात्रों का फर्जी मार्कशीट पर दाखिला कराते हैं। इस बार भी 30 के करीब फार्मों में कागजात संदेह के घेरे में हैं। प्राचार्या डॉ. संगीता गुप्ता का कहना है कि कागजातों के बारे में बाहर के विवि से जानकारी मांगी गई है।
दूसरे प्रदेशों के विवि की लगी हैं मार्कशीट
दलालों ने कम नंबरों वाले छात्रों का प्रवेश कराने के लिए नए तरीके ढूंढ लिए हैं। वे दूसरे प्रदेशों के विवि की अधिक नंबर वालों फर्जी मार्कशीट लगाकर रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। दूसरे विवि का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे में इनका वेरीफिकेशन भी नहीं हो पाता है। अब इन विवि से मार्कशीट को लेकर जानकारी मांगी गई है।