नगीना अनुसंधान केंद्र पर धान रोपाई देखते किसान व वैज्ञानिक। स्रोत केंद
बिजनौर। निर्यात योग्य बासमती धान उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नगीना अनुसंधान केंद्र पर नवीनतम धान बीज व तकनीकी का सजीव प्रदर्शन हुआ। शोध केंद्र पर बासमती धान की 28 प्रजातियों रोपाई, करीब 50 तकनीकी का प्रदर्शन किया गया। इसे देखने बड़ी संख्या में किसान शोध केंद्र नगीना पहुंचे।
नगीना कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष खरीफ मौसम में नवीनतम तकनीकी प्रदर्शन होता है। कृषि विज्ञान केंद्र में धान प्रजातियों को रोपा गया और वैज्ञानिकों ने वहां पहुंचे किसानों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 3 धान की सीधी बुवाई तकनीक, 3 खरपतवार नियंत्रण, धान की फसल में कीट एवं बीमारी प्रबंधन पर 5 तकनीक का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र नगीना पर प्राकृतिक खेती तकनीकी से बासमती धान का उत्पादन का भी सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है।