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मिलों का बकाया

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मिलों पर किसानों का 230 करोड़ बकाया
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- हाईकोर्ट के आदेश और प्रशासन की सख्ती का भी मिलों पर असर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जिले की चीनी मिलों ने 15 नवंबर तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। जिले की चीनी मिलों पर अब भी 230 करोड़ बकाया है। इसके अलावा चीनी मिलों पर करीब 40 करोड़ का इस साल का ब्याज भी बनता है।
नियम के अनुसार किसान द्वारा चीनी मिल को गन्ना देने के 14 दिन के अंदर भुगतान किसान के खाते में भेज देना चाहिए। अगर चीनी मिल भुगतान नहीं भेज पाती हैं तो विलंब भुगतान पर ब्याज देना होगा। लेकिन चीनी मिल न तो समय पर भुगतान ही देती हैं और न ही कभी ब्याज देती हैं। पिछले महीने हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए चीनी मिलों को एक माह के अंदर बकाया भुगतान ब्याज सहित करने के आदेश दिए थे। आदेश के अनुसार चीनी मिलों को 15 अक्तूबर तक समस्त भुगतान करना था। लेकिन जिले की चीनी मिलों ने अब भी शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। मिलों पर करीब 230 करोड़ रुपया बकाया है। इसमें बिलाई चीनी मिल पर 119.89 करोड़, बरकातपुर मिल पर 24.16 करोड़, चांदपुर चीनी मिल पर 40.57 करोड़ तथा बिजनौर चीनी मिल पर 45.91 करोड़ रुपया बकाया है। इसके अलावा जिले की सभी चीनी मिलों पर इस साल का करीब 40 करोड़ का ब्याज भी बकाया है।
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भुगतान के लिए कर रहे पूरे प्रयास
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के अफसरों के खिलाफ वाद दायर कराया गया है। इसके अलावा मिलों की आरसी जारी करने की भी तैयारी की जा रही है। भुगतान के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह का कहना है कि चीनी मिलों को कोर्ट और सरकार दोनों का ही डर नहीं है। कोर्ट के आदेश के बाद भी भुगतान न करके अदालत की अवमानना की जा रही है। इस बारे में जल्दी ही प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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