मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि के छात्र नेता विनीत चपराना और मेरठ कॉलेज के वरिष्ठ छात्र नेता अनुज जावला समेत 23 छात्रों को पुलिस ने मुचलका पाबंद किया है। इससे छात्र नेताओं में आक्रोश है। छात्र नेताओं का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस ने ये कार्रवाई की है। छात्रों को पांच-पांच लाख रुपये के बाॅंड एसीएम सिविल लाइन की कोर्ट में भरने होंगे।
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चौधरी चरण सिंह विवि में कई बार छात्र मांग उठाते रहते हैं। इस दौरान कई बार हंगामा और बवाल भी विवि में हो चुका है। कुछ दिन पहले विवि में छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव करते हुए हंगामा किया था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था। भविष्य में इस तरह की कोई हरकत और हंगामा न हो इसको लेकर पुलिस अलर्ट है। छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि मेडिकल पुलिस ने रिपोर्ट बनाकर एसीएम सिविल लाइन के सामने पेश की है। इसके बाद यह नोटिस जारी किया गया है। यह काफी गलत है। कुछ दिन पहले विवि में फायरिंग भी हुई, जिसको पुलिस रोक नहीं सकी है। पुलिस का यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र नेता अनुज जावला का कहना है कि वह छात्रों के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे। इन मुचलकों से डरने वाले नहीं है। यह शासन और प्रशासन की तानाशाही है। जिससे छात्रों की आवाज बुलंद न की जा सके। छात्रों की मांग न उठाई जाए, इसलिए विवि के अधिकारी पुलिस और प्रशासन का सहारा ले रहे हैं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि आए दिन विवि में हंगामे किया जाता है। कुछ छात्र इसमें सक्रिय रहते हैं। विवि मेें शांति बनी रहे और कोई बवाल न हो। इसके लिए ये कार्रवाई की गई है।